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चुनावी मझधार में मोदी को ट्रंप ने दिया बड़ा झटका, पड़ेगी महंगाई की जबरदस्त मार, बढ़ जाएंगे इन सामानों के दाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 April 2019, 14:11 IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से तेल खरीदने वाले किसी भी देश को प्रतिबंध में छूट नहीं देने का फैसला किया है. यह 2 मई से लागू हो जाएगा. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का सीधा असर भारत पर पड़ेगा और यहां तेल की कीमतों में भारी वृद्धि होगी.

बढ़ेगी महंगाई

भारत हमेशा ईरान से तेल खरीदने को लेकर प्रतिबंधों में ढील लाने की मांग भी करता रहा है. अमेरिका के इस कदम से भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और देश में फ्यूल की कीमत बेतहाशा बढ़ सकती है. भारत अपनी कुल खपत का 80 फीसदी तेल आयात करता है जिसमें बड़ा हिस्सा ईरान से ख़रीदा जाता है. अगर भारत ईरान से तेल खरीदना बंद करेगा तो क्रूड ऑयल महंगे हो जाएंगे जिससे पेट्रोल डीजल के मूल्य बढ़ जाएंगे और इससे महंगाई भी बढ़ेगी. महंगे डीजल के कारण माल ढुलाई बढ़ेगी तो रोजमर्रा के और खाने-पीने के सामानों के दाम में भी बढ़ोतरी होगी.

मोदी सरकार की मुश्किलें

इस चुनावी माहौल में तेल की कीमतें बढ़ने से मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पेट्रोल-डीजल की के भाव बढ़ने से आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ेगी. जब जनता के जेब पर ज्यादा बोझ पड़ेगा तो वे इसका प्रतिकार अपने वोट के माध्यम से करेंगे. ऐसे में ट्रंप का भारत को प्रतिबंध से छूट नहीं देने का फैसला मोदी को मशक्कत में डाल सकता है.

80 रूपये प्रति लीटर से ज्यादा पेट्रोल के दाम

भारत में 2 मई के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम 80 रूपये प्रति लीटर से ज्यादा हो सकते हैं. प्रतिबंध के बाद अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा जिससे घरेलू बाजार में भी पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ जाएंगे. ऐसे में भारत में महंगाई फिर जोर पकड़ सकती है और खाना-पीनी और ट्रैवल करना महंगा हो सकता है.

आज राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 72.95 रूपये प्रति लीटर है जबकि डीजल के भाव 66.46 प्रतिलीटर है. जबकि मुंबई में पेट्रोल 78.52 रूपये में एक लीटर मिल रहा है.

 

डोनाल्ड प्रशासन ने जारी किया बयान

व्हाइट हाउस की और से जारी बयान में कहा गया कि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई की शुरुआत में खत्म हो रही छूट को नहीं बढ़ाने का फैसला किया है और संबंधित '‘सिग्निफिकेंट रिडक्शन एक्सेप्शंस'' (SRI) को फिर से जारी नहीं किया जाएगा. इस फैसले का मकसद ईरान के तेल निर्यात को शून्य करना है उसकी आर्थिक नाकाबंदी करनी है. ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से पीछे हटते हुए अमेरिका ने पिछले साल नवंबर में ईरान पर प्रतिबंध लगाया था.

2 मई है डेडलाइन

ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद अमेरिका ने भारत, दक्षिण कोरिया, चीन और जापान समेत ईरान से तेल खरीदने वाले 8 देशों को 180 दिन की छूट दी थी. जिससे तहत भारत और अन्य 8 देशों को दो मई तक ईरान से अपना तेल का आयात रोकना था. चीन और भारत फिलहाल ईरान से तेल आयात करने वाले सबसे बड़े देश हैं जापान और कोरिया ने पहले ही ईरान से तेल आयात काफी कम दिया है.

First published: 23 April 2019, 14:11 IST
 
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