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मोदी-पुतिन की S-400 डील पर ट्रंप की टेढ़ी नजर, अमेरिका को सता रहा है ये डर

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 October 2018, 13:39 IST
(file photo )

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 अक्टूबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरे पर भारत और रूस के बीच एस-400 डिफेंस मिसाइल सिस्टम डील पर सहमति की खबरें तेज हैं. माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच पुतिन के इस दौरे एस-400 डिफेंस मिसाइल सिस्टम समझौता हो सकता है. लेकिन अमेरिका इस डील को लेकर चिंतित दिख रहा है. अमेरिका ने भारत को इस डील को लेकर चेतावनी दी है. 

अमेरिका ने कहा है कि भारत जिस s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को खरीदने की तैयारी में है. वह अमेरिका का घरेलू कानून काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन ऐक्ट (CAATSA) के दायरे में आता है. इस डील के होने पर इस कानून का उल्लंघन होगा. 

 माना जा रहा है कि अमेरिका इस जील को लेकर भारत पर भी बैन लगा सकता है. अमेरिका ने हाल ही में रूस के साथ डील करने पर चीन पर प्रतिबंध लगा दिया था. अमेरिका ने अपने मित्र देशों को रूस से लेनदेन करने पर मना किया है.

मीडिया खबरों के मुताबिक, अमेरिका का कहना है कि रूस की s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद से उसके काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन ऐक्ट (CAATSA) का उल्लंघन होगा. हालांकि अमेरिका की तरफ से इस कानून में भारत को राहत मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है.

माना जा रहा है कि अमेरिका भारत को इस कानून में राहत दे सकता है. रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका चाहता है कि भारत रूस के साथ इस डील को ना करे. इसके पीछे अमेरिका को डर है कि S-400 का इस्तेमाल अमेरिकी फाइटर जेट्स की स्टील्थ (गुप्त) क्षमताओं को टेस्ट करने के लिए किया जा सकता है.


अमेरिका को रूस के साथ इस डील को लेकर इसलिए चिंता सता रही है कि S-400 डील से भारत को अमेरिकी जेट्स का डेटा मिल सकता है. इस डेटा को रूस या किसी भी दुश्मन देश को लीक किया जा सकता है. एक विश्लेषक का कहना है कि S-400 सिस्टम का इस्तेमाल अमेरिका के F-35s से जुड़े रेडार ट्रैक्स की पहचान करने के साथ ही इससे F-35 के कॉन्फिगरेशन का भी ठीक-ठीक पता लगाने में किया जा सकता है.

अमेरिका के F-35s जैसे एययक्राप्ट में स्टील्थ के सभी फीचर्स नहीं हैं. जिससे ये फायटर प्लेन राडार पर पकड़ में नहीं आते हैं. S-400 सिस्टम के रेडार F-35 को डिटेक्ट और ट्रैक कर सकते हैं. इसके अलावा S-400 सिस्टम की मांग भारत के अलावा भी कई अन्य देश कर रहे हैं. इससे अमेरिकी ऐंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स का मार्केट शेयर गिर रहा है.

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First published: 4 October 2018, 13:39 IST
 
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