Home » इंडिया » Congress leader Rita Bahuguna Joshi may join BJP ahead of assembly election
 

यूपी में कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकती हैं रीता बहुगुणा जोशी

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 October 2016, 15:04 IST
(पीटीआई)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब चंद महीने बचे हैं. ऐसे में सियासी उठापटक तेज हो गई है. जहां एक ओर बसपा के दो बड़े नेताओं स्वामी प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है. वहीं अब कांग्रेस की कद्दावर नेता रीता बहुगुणा जोशी के भाजपा में जाने की अटकल तेज है.

यूपी कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रह चुकीं रीता बहुगुणा जोशी ने अगर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का साथ छोड़ा तो पार्टी के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है. दरअसल रीता बहुगुणा की नाराजगी की कई वजहें मानी जा रही हैं.

इसमें सबसे बड़ी वजह यह भी है कि रीता बहुगुणा के बजाए बाहरी शीला दीक्षित को तवज्जो देकर कांग्रेस ने उन्हें अपना चुनावी चेहरा बना दिया. वहीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकीं रीता जोशी को उत्तर प्रदेश कांग्रेस में कुछ महीने पहले हुए फेरबदल में कोई अहम जिम्मेदारी नहीं मिली.

जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने देवरिया से लेकर दिल्ली तक 25 दिन की किसान यात्रा निकाली, इस दौरान भी रीता कहीं नजर नहीं आईं. उनकी नाराजगी को लेकर प्रदेश कांग्रेस में सुगबुगाहट का दौर तेज है. 

रीता के करीबी ने किया इनकार

हालांकि मीडिया में नाराजगी की आ रही खबरों पर जब कैच संवाददाता ने रीता के करीबी से बातचीत की, तो उन्होंने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार कर दिया. वहीं जब रीता बहुगुणा से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो लगातार उनका फोन स्विच ऑफ रहा.

ब्राह्मण चेहरा होने के बावजूद रीता को किनारे करते हुए शीला दीक्ष‍ित को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया गया. रीता यूपी की सियासत में लंबे समय से सक्रिय हैं. अभी वो लखनऊ कैंट सीट से विधायक हैं. वहीं लोकसभा चुनाव में उन्हें राजनाथ के खिलाफ उतारा गया था. 

इसके बावजूद हाल ही में अपनी अनदेखी से रीता बहुगुणा जोशी नाराज बताई जा रही हैं. वह उत्तराखंड में कांग्रेस से बगावत करके बीजेपी का दामन थामने वाले विजय बहुगुणा की बहन भी हैं. कई सियासी जानकार नाराजगी के पीछे उनके भाई को भी वजह मान रहे हैं.

रीता बहुगुणा का सियासी अतीत

रीता बहुगुणा जोशी का नाता उत्तर प्रदेश के कद्दावर सियासी परिवार से है. उनके पिता हेमवंती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा उनके भाई विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं.

उनके पिता हेमवती नंदन ने इलाहाबाद सीट से 1984 में अमिताभ बच्चन से बहुचर्चित चुनाव लड़ा था. हालांकि अमिताभ को चुनाव में भारी जीत मिली थी. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से रीता बहुगुणा जोशी का पुराना संबंध है.

रीता बहुगुणा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इतिहास की प्रोफेसर रह चुकी हैं. वहीं महिला कांग्रेस की अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने के साथ ही रीता ने 2014 में लखनऊ से लोकसभा का चुनाव लड़ा था. इसके अलावा वे पांच साल तक इलाहाबाद की मेयर रह चुकी हैं. वहीं लखनऊ से भी उन्होंने मेयर का चुनाव लड़ा था.

2009 में बसपा अध्यक्ष मायावती के खिलाफ बलात्कार को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. इस दौरान बसपा विधायक जितेंद्र सिंह बब्लू समेत कई बसपा समर्थकों ने उनका घर फूंक दिया था.

रीता बहुगुणा पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ी थीं. उन्हें समाजवादी पार्टी ने इलाहाबाद से अपना मेयर उम्मीदवार नॉमिनेट किया था. इसी के बाद वे सियासत में सक्रिय हुईं. हालांकि बाद में रीता ने कांग्रेस का दामन थाम लिया.

First published: 17 October 2016, 15:04 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी