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योगी के हेल्पलाइन कार्यालय में लड़कियों से बदसलूकी, बनाया गया वीडियो

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 March 2018, 15:37 IST

एक ओर विश्व महिला दिवस में सीएम योगी ने प्रदेश भर की महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया. वहीं दूसरी ओर महिला दिवस के दूसरे ही दिन खुद सीएम के हेल्पलाइन में काम करने वाली लड़कियों के साथ बदसलूकी की गयी. हेल्पलाइन में काम करने वाली युवतियों का आरोप है कि उनसे ऑफिस के अंदर अभद्रता की गयी.

टॉर्चर के कारण लड़कियां बेहोश हो गईं. उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पुलिस से भी उनकी कहा सुनी हो गयी. गोमतीनगर के विभूतिखंड में साईबर हाईट में सीएम हेल्पलाइन संचालित है. बीपीओ स्योरविन नामक कंपनी इसका काम देख रही है. इसके अंडर में लड़कियों समेत कई टेलीकॉलर सीएम हेल्पलाइन में काम कर रहे हैं.

अमर उजाला  के अनुसार लड़कियों के अनुसार तीन चार महीने से हमें वेतन नहीं मिला. इसके लिए कई बार मांग उठाई गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे भी ज्यादा हद तब हुई जब हेल्पलाइन की 20 टेलीकॉलर लड़कियों को एक कमरे में बंद कर दिया गया. लड़कियों ने आरोप लगाया कि उनके ट्रेनर और सुपरवाइजर अनुराग और आशुतोष ने लड़कियों से सादे कागज पर साइन कराने की कोशिश की.

विरोध करने पर उनंके साथ बदतमीजी की गयी और दुपट्टा खींचा गया. इसका वीडियो भी अनुराग और आशुतोष ने बनाया. इसी टॉर्चर के कारण लड़कियां बेहोश हो गईं तो दोनों ट्रेनर भाग निकले. साथी कर्मचारी उन्हें लोहिया अस्पताल में लेकर पहुंचे. सूचना पर पहुंची पुलिस टीम से भी सबकी भिड़ंत हुई.

पुलिस ने शिकायत करने पर दी जेल में डालने की भर्ती

टेलीकॉलरों ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले विभूतिखंड इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार राय से मामले की शिकायत की गई तो उन्होंने धमकाया कि जेल में बंद कर देंगे, जिससे तुम्हारा भविष्य बर्बाद हो जाएगा. टेलीकॉलरों ने मीडिया के सामने ही पुलिस को गालियां भी दीं.

सूचना पाकर एसपी नार्थ अनुराग वत्स मौके पर पहुंचे. लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे कंपनी के अफसरों और पुलिस पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.

उधर, सीएम हेल्पलाइन के ऑफिस के बाहर अन्य कर्मचारियों ने भी हंगामा करना शुरू कर दिया. एसीएम पूर्व अमित कुमार और सीओ गोमती नगर दीपक सिंह समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने. वहीं, बीपीओ ने लिखित शिकायत की है कि ये टेलीकॉलर्स काम नहीं करने दे रहे हैं. कल लड़कों ने वेतन के लिए धरना दिया था, आज लड़कियों ने ऐसे किया.

एसीएम ने टेलीकॉलर्स को आश्वासन दिया है कि मैनेजमेंट से बात की गई है, जिन्हें वेतन संबंधित समस्याएं हैं, उन्हें जल्द ही वेतन दिया जाएगा. एसीएम ने कहा कि जिन लड़कियों ने उत्पीड़न के मामले में मैंने मैनेजमेंट से बात की लेकिन उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है. फिर भी लड़कियों से तहरीर मांगी गई है. तहरीर के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जाएगी.

इस मामले में बीपीओ के प्रोजेक्ट हेड ध्रुव मिश्रा ने कहा कि कंपनी में कई शरारती तत्व हैं जो लोगों को भड़का रहे हैं. हम उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वे माहौल खराब कर रहे हैं. लड़कियों के उत्पीड़न के मामले में उनका कहना है कि आरोप गलत है लेकिन घटना की जांच कराइ जाएगी जिसके बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचा जा सकेगा.

First published: 9 March 2018, 15:37 IST
 
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