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रेप में 160% वृद्धि: उत्तर प्रदेश में बलात्कार की होड़, नेताओं में ओछे बयान की होड़

पत्रिका स्टाफ़ | Updated on: 4 August 2016, 7:41 IST
QUICK PILL
  • आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में पिछले एक साल में बलात्कार के मामलों में 150 फीसदी से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है. किसी भी मुख्यमंत्री के लिए यह आंकड़ा निश्चित तौर पर शर्मनाक कहा जाएगा.
  • उत्तर प्रदेश राज्य क्राइम ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 2014 में उत्तर प्रदेश में 3,467 बलात्कार की घटनाएं हुई थीं, जबकि 2015 में ये आंकड़ा बढ़कर 9,075 हो गया.
  • बुलंदशहर में हाईवे के किनारे हुए गैंगरेप के बाद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने बयान दिया कि यह उनकी सरकार को बदनाम करने की साजिश है.

उत्तर प्रदेश में दयाशंकर सिंह और बसपा के बीच 'गालीकांड' के बाद बुलंदशहर में नेशनल हाईवे पर गैंगरेप की घटना सुर्खियों में है. चुनाव सिर पर है लिहाजा प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक तरफ सियासी तापमान चढ़ा हुआ है तो दूसरी तरफ प्रदेश की आधी आबादी के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न का ग्राफ चढ़ा हुआ है.

बेहद संवेदनशील मसला होने के बावजूद यूपी पुलिस और नेताओं पर इसका कोई खास फर्क देखने को नहीं मिल रहा है.

गौरतलब है कि बुलंदशहर में हाईवे के किनारे हुए गैंगरेप के बाद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने बयान दिया कि यह उनकी सरकार को बदनाम करने की साजिश है. इस बयान के बाद विवाद का एक नया सिलसिला शुरू हो गया है. इस आग में घी डालने का काम बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता ने किया. उन्होंने भी भड़काऊ ट्वीट कर स्थिति को बिगाड़ने का काम किया.

आजम खान ने गैंगरेप को साजिश बताया तो भाजपा नेता ने कहा आजम को अपनी बीवी-बेटी के साथ गैंगरेप के बाद समझ आएगी

गैंगरेप की घटना पर प्रदेश सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री आजम खान ने रामपुर में कहा कि हमें इस तरह की चीजों को संज्ञान लेना चाहिए कि कहीं कोई विपक्षी विचारधारा जो सत्ता में आना चाहती है, सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसे कुकर्म तो नहीं कर रही है? कुछ भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक है और विपक्ष सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है.

आजम खान के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता आईपी सिंह ने एक ट्वीट किया जिससे खलबली मचा गई. आजम खान पर पलटवार करते हुए आईपी सिंह ने कहा कि मियां आजम खान की आंख तब खुलेगी, जब उनकी बीवी और बेटी से गैंगरेप हो जाएगा.

इस मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी हस्तक्षेप किया. संसद में उन्होंने यूपी में लगातार महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि यूपी में लॉ एंड ऑर्डर समाप्त हो चुका है.

आंकड़े बेहद डरावने हैं

बुलंदशहर में 29 जुलाई को मां और नाबालिग बेटी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद सरकार कानून व्यवस्था को लेकर कटघरे में है. बुलंदशहर की घटना के कुछ घंटों भीतर ही बरेली में भी सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया. इन घटनाओं को अपराधियों ने परिजनों के सामने ही अंजाम दिया.

इस मुद्दे पर विपक्ष के हमलावर रुख के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चौतरफा घिर गए हैं. ताजा आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में पिछले एक साल में बलात्कार के मामलों में 160 फीसदी से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है. किसी भी मुख्यमंत्री के लिए यह आंकड़ा निश्चित तौर पर शर्मनाक कहा जाएगा.

अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में हर साल बलात्कार की घटनाओं में लगभग दोगुना इजाफा हो रहा है.

उत्तर प्रदेश राज्य क्राइम ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 2014 में उत्तर प्रदेश में 3,467 बलात्कार की घटनाएं हुई थीं, जबकि 2015 में ये आंकड़ा बढ़कर 9,075 हो गया.

इसी तरह पिछले एक साल में बलात्कार का प्रयास करने वाली घटनाओं में भी 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. ऐसा तब है जब क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ही मुताबिक महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज न करने में यूपी पुलिस ही सबसे आगे है.

राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2014 के आंकड़ों पर नजर डालें तो अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में हर साल बलात्कार की घटनाओं में लगभग दोगुना इजाफा हो रहा है. पूरे देश में जहां 2010 (22,172) से 2014 (36,735) तक बलात्कार की घटनाओं में 65 फीसदी का इजाफा देखने के मिला था, वहीं उत्तर प्रदेश में इस दौरान (2010 में 1,563 घटनाएं और 2014 में 3,467 घटनाएं) 121 फीसदी का इजाफा हुआ.

संसद में बवाल

बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश एवं देश के अन्य हिस्सों में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्यसभा में भारी शोरगुल किया और इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सदन में शून्यकाल के दौरान उत्तरप्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं का मुद्दा उठाया और कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधों की अति हो गई है. उन्होंने बुलंदशहर में हुए रेप के मामले पर केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारों को घेरा. केंद्र से उन्होंने सवाल किया कि वह इस अमानवीय घटना पर चुप क्यों है, क्या वह भी सपा के साथ मिली हुई है?

मायावती ने संसद में इस मुद्दे पर दलगत भावना से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत बताई. यह किसी एक राज्य का मामला नहीं है. मायावती के इस हमलावर रुख पर संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी चिंता जताई. उन्होंने बलात्कार की ताजा घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि घटना कहीं की भी हो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अपराध पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. अगर सदन चाहता है तो इस पर बहस हो सकती है. चौतरफा घिरी समाजवादी पार्टी के बचाव में संसद में नरेश अग्रवाल सामने आए. उन्होंने बुलंदशहर बलात्कार के मामले में उत्तर प्रदेश की त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए यह भी बताया कि उनकी कार्रवाई की पूरे देश में सराहना हो रही है.

इससे पूर्व कांग्रेस की रजनी पाटिल, रेणुका चौधरी, कुमारी सैलजा और अम्बिका सोनी ने बलात्कार की घटना पर संसद में उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा.

First published: 4 August 2016, 7:41 IST
 
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