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उत्तराखंड विवाद: केंद्र की याचिका पर सुनवाई को तैयार सुप्रीम कोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 April 2016, 15:39 IST

उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का विवाद सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है. नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है.

केंद्र सरकार की याचिका पर आज ही सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच मामले पर सुनवाई कर रही है. 

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इससे पहले केंद्र की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वो इस मामले को चीफ जस्टिस के सामने लेकर जाएं. केंद्र ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है.

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हाईकोर्ट ने गुरुवार को उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र के फैसले को खारिज करते हुए राज्य से राष्ट्रपति शासन हटा दिया था. उत्तराखंड में 27 मार्च को केंद्र की सिफारिश पर राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था.

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामला उठाया था. एजी ने कोर्ट में कहा, "हाईकोर्ट के फैसले का कैसे पालन हो सकता है अगर उसकी कोई कॉपी उपलब्ध नहीं है."

बागी विधायकों की याचिका

कांग्रेस के 9 बागी विधायकों ने भी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. बागियों ने 29 अप्रैल को बहुमत परीक्षण के दौरान उनको भी शामिल किए जाने की मांग की है.

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नैनीताल हाईकोर्ट ने बागियों की सदस्यता रद्द करने के स्पीकर के फैसले को सही ठहराया था. जिसके बाद बागी विधायक फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

कैबिनेट बैठक में 11 फैसले

इस बीच राज्य में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कैबिनेट की बैठक बुलाई. इस दौरान 11 फैसले लिए गए. जल संकट पर चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई गई है.

बैठक के बाद हरीश रावत ने कहा कि केंद्र को सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है, लेकिन हमें पूरा भरोसा है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलेगी.

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First published: 22 April 2016, 15:39 IST
 
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