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उत्तराखंड विधानसभा में 10 मई को रावत सरकार का होगा शक्ति परीक्षण

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 10 मई को होने वाले शक्ति परीक्षण के लिये उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. उत्तराखंड पुलिस ने भी विधायकों से लेकर विधानसभा तक सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं.

इस मामले में विधानसभा के सचिव जगदीश चंद्र ने बताया कि शक्ति परीक्षण के लिये 10 मई की सुबह 11 बजे विधानसभा में विशेष सत्र होगा.

एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि शक्ति परीक्षण के मद्देनजर हमने विधायकों से लेकर विधानसभा तक सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की है.

उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रत्येक विधायक को मिलने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या एक से बढाकर दो कर दी गई है जबकि विधानसभा में भी सुरक्षाकर्मियों की संख्या में भी पर्याप्त बढ़ोतरी की गई है.

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अधिकारी ने कहा कि विशेष सत्र के दौरान किसी भी प्रकार के शांति भंग के प्रयास को रोकने के लिये पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से नजदीकियों और अपनी पार्टी के प्रति संदिग्ध निष्ठा के चलते पिछले महीने भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से दल-बदल कानून के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की थी.

हालांकि, आर्य के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने का आधार बताते हुए कुंजवाल ने वह याचिका खारिज कर दी थी. कौशिक ने कहा कि यदि आर्य व्हिप को लेने से इनकार करते हैं तो उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के जरिये व्हिप की प्राप्ति सुनिश्चित कराई जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को अपनी निगरानी मे उत्तराखंड विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराए जाने के आदेश दिए हैं.

विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा कांग्रेस के 9 बागी विधायकों की सदस्यता के संबंध में फैसला सुनाया जाएगा.

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पिछले महीने विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल द्वारा 9 विधायकों की सदस्यता रद्द किए जाने से फिलहाल 71 विधायकों की क्षमता वाली विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या घटकर 62 रह गई है जिसमें बहुमत साबित करने के लिये 31 विधायकों का समर्थन जरूरी होगा.

निलंबित विधानसभा के अध्यक्ष कुंजवाल ने इस संबंध में बताया कि 62 की प्रभावी सदस्य संख्या वाले सदन में अध्यक्ष को छोड़कर अन्य सभी 61 विधायक मतदान में हिस्सा लेगे और बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिये 31 विधायकों का समर्थन जरूरी होगा.

उन्होने बताया कि मतदान में सदन में एंग्लो-इंडियन समुदाय से मनोनीत किए गए विधायक आर वी गार्डनर भी भाग लेंगे. विधानसभा में कांग्रेस की संख्या 27 है जबकि भाजपा के पास 28 विधायक हैं.

कांग्रेस के पास अपने 27 विधायकों के अलावा छह सदस्यीय प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा तथा एक मनोनीत विधायक का भी समर्थन है.

First published: 8 May 2016, 7:05 IST
 
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