Home » इंडिया » Uttarakhand High Court declares fatwas illegal and unconstitutional
 

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फतवा जारी करने पर लगाया बैन, बताया असंवैधानिक

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2018, 13:06 IST

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य में फतवा घोषित करने को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया है. अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया जिसमे रेप की पीड़िता एक महिला के खिलाफ फतवा जारी किया गया था और उसके परिवार को हरिद्वार के लक्सर गांव से हटा दिया गया था.

अदालत ने कहा कि उत्तराखंड में कोई धार्मिक निकाय, सांविधिक पंचायत या लोगों का समूह फतवा जारी नहीं कर सकता है, क्योंकि यह वैधानिक अधिकारों, मौलिक अधिकारों, गरिमा, सम्मान और व्यक्तियों के दायित्वों का उल्लंघन करता है."

 

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की डिवीजन खंडपीठ ने कहा, "पंचायत महिला के साथ सहानुभूति के बजाय, परिवार को गांव से हटा रही है". अदालत ने कहा फतवा कुछ भी नहीं बल्कि अतिरिक्त संवैधानिक साहसवाद है, जिसको संविधान के तहत अनुमति नहीं है."

अदालत ने हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार से गांव में परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा. गुरुवार को खंडपीठ ने आदेश दिया कि मामला सार्वजनिक हित के मुकदमे के रूप में पंजीकृत हो, और फतवा जारी करने वाले पंचायत सदस्यों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू हो गई है.

ये भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 35A पर सुनवाई 19 जनवरी तक टाली, केंद्र ने दिया था पंचायत चुनाव का हवाला

First published: 31 August 2018, 13:06 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी