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उत्तराखंड: राष्ट्रपति शासन पर रोक लगी, 31 मार्च को बहुमत परीक्षण

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

मंगलवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन रोक लगा दी है. इसके अलावा हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष की मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत को 31 मार्च को बहुमत साबित का मौका दिया है.

हाईकोर्ट ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को भी वोटिंग का अधिकार दिया है लेकिन उनके वोट अलग रखे जाएंगे. बहुमत परीक्षण के दौरान हाईकोर्ट के पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे.

राष्ट्रपति शासन के खिलाफ हरीश रावत सरकार ने सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

रविवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद ही कांग्रेस ने कहा था कि वह इसके खिलाफ कोर्ट में जाएंगे.

शनिवार रात को उत्तराखंड के राजनीतिक संकट पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की आपात बैठक प्रधानमंत्री ने बुलाई थी. इस बैठक में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की गई.

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली ने देर रात राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को राज्य के हालात से अवगत कराया था.

इसके बाद राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की सिफारिश को मानते हुए राष्ट्रपति शासन की मंजूरी दे दी. हालांकि, अभी विधानसभा को भंग नहीं किया है, अभी इसे निलंबित रखा गया है.

उत्तराखंड विधानसभा में एक नामांकित सदस्य समेत 71 विधायक हैं. कांग्रेस के 36 विधायकों में से 9 बागी हो चुके हैं.  इसके अलावा बीजेपी के पास 28, बीएसपी के दो, निर्दलीय तीन और उत्तराखंड क्रांति दल का एक विधायक है.

First published: 29 March 2016, 3:02 IST
 
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