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सुप्रीम कोर्ट: उत्तराखंड में बहुमत परीक्षण पर विचार करे केंद्र सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन मामले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार तक के लिए सुनवाई टल गई है. अब इस मामले में चार मई को फिर सुनवाई होगी. 

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल को विधानसभा में होने वाले शक्ति परीक्षण पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन की मियाद तीन मई तक के लिए बढ़ गई थी.

जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस शिवकीर्ति सिंह की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है. अदालत ने केंद्र से राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार बताने के लिए कहा था.

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रामेश्वर केस का हवाला


इस मामले में अदालत के फैसले पर बीजेपी और कांग्रेस के साथ ही पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. आज की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से रामेश्वर प्रसाद केस का हवाला देते हुए सदन में बहुमत परीक्षण पर विचार करने को कहा. 

पढ़ें:उत्तराखंड में 3 मई तक राष्ट्रपति शासन, सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से पूछा कि रामेश्वर फैसले की तरह हमारी निगरानी में उत्तराखंड में बहुमत परीक्षण क्यों नहीं हो सकता.

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केंद्र से पूछे थे सात सवाल


वहीं पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सात सवाल पूछे थे. साथ ही अदालत ने ये भी कहा था कि कोर्ट इस मामले को संविधान पीठ को नहीं सौंपेगा.

14 मई से होने वाली गर्मियों की छुट्टियों से पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाने की बात कही थी. उत्तराखंड में 27 मार्च से राष्ट्रपति शासन लागू है.

हाईकोर्ट के फैसले पर रोक

22 अप्रैल को नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को खारिज कर दिया था. अदालत ने राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया था.

पढ़ें:उत्तराखंड: कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया करारा झटका

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अगले ही दिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हुए फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन बहाल रखने के निर्देश दिए थे.

इस फैसले की वजह से 29 अप्रैल को होने वाला बहुमत परीक्षण भी टल गया था.

First published: 3 May 2016, 11:24 IST
 
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