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Coronavirus: DCGI ने Oxford और Bharat Biotech की COVID-19 वैक्सीन को दी मंजूरी, शुरूआत में इन्हें लगेगा टीका

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2021, 12:27 IST

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारतवासियों को रविवार को एक बड़ी खुशखबरी मिली है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उन्होंनें ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा तैयार की गई कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.

बता दें, भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा तैयार की गई कोवैक्सीन स्वेदेशी है और वो हम्यून ट्रायल के तीसरे चरण में हैं. जबकि दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सी निर्माता भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ऑक्सफोर्ड और एस्टाजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड का उत्पादन कर रही है. भारत में कोरोना वायरस के कारण 1 करोड़ 3 लाख 24 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 1 लाख 49 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.


दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों वैक्सीन को मंजूरी मिलने पर देशवासियों को बधाई दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा,"एक उत्साही लड़ाई को मजबूत करने के लिए एक निर्णायक मोड़. DCGI द्वारा सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया और भारत बायोटेक के टीकों को मजूरी प्रदान करना, स्वस्थ और COVID मुक्त राष्ट्र के लिए मार्ग को प्रशस्त करेगा. भारत को बधाई. हमारे मेहनती वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को बधाई."

शुरुआत में किसे मिलेगी वैक्सीन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने एक जनवरी को जानकारी देते हुए कहा था कि पहले चरण में वैक्सीन देने की तैयारी पूरी हो चुकी है. इतना ही नहीं उन्होंने साफ किया था कि कब और किसे वैक्सीन दी जाएगी, इसको लेकर पूरी लिस्ट तैयार की जा चुकी है.

डॉ हर्षवर्धन ने बताया था कि पहले चरण में हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके लगाए जाएंगे, जबकि उसके बाद 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा.

इसके बाद सरकार ऐसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोगों को टीका लगाएगी, जहां कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक होगा. हालांकि, इन इलाकों में भी सभी लोगों को वैक्सीन नहीं दी जाएगी. COVID-19 वैक्सीन प्रशासन के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह द्वारा की गई सिफारिशों के मुताबिक वैक्सीन चरण बद्ध तरीके से लोगों को दी जाएगी. इसके बाद बाकी लोगों को टीका दिया जाएगा.

इससे पहले देश नए साल के दिन ही वैक्सीन का ड्राय रन किया गया था, जबकि शानिवार को पूरे देश में ड्राय रन हुआ था. इस दौरान वैक्सीन के पहले राज्यों और उसके बाद वहां से अस्पतालों तक पहुंचने और लोगों को वैक्सीन के डोज देने की पूरी रिहर्सल की गई थी. डॉ हर्षवर्धन ने जानकारी देते हुए कहा था कि वैक्सीन का अभियान, किसी चुनाव प्रक्रिया की तरह नियोजित किया जाएगा. देश के 719 जिलों में 57,000 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है.

वैक्सीन के वितरण समान रूप से हो रहा है और उसकी कालाबजारी नहीं हो रही, इसे सुनिश्चित करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म 'CoWIN' विकसित किया गया है. CoWIN पर पहले वैक्सीन प्राप्त करने वाले व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन होगा. इसके बाद एक एसएमएस के जरिए व्यक्ति को बताया जाएगा कि उसे किस स्थान पर वैक्सीन दी जाएगी और किस दिन जाएगी. व्यक्ति को वैक्सीन देने के बाद उसमें कोई साइड इफ्केट दिखाई देते हैं, तो यहां पर उसे रिपोर्ट किया जाएगा. जब व्यक्ति को वैक्सीन लग जाएगी, तब उसे एक ई-प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. बता दें, टीकाकरण केंद्रों को केवल उन्हीं लोगों को टीका लगाया जाएगा, जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है.

Coronavirus Vaccine : DCGI ने Oxford वैक्सीन और भारत बायोटेक की Covaxin को दी मंजूरी

First published: 3 January 2021, 11:30 IST
 
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