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RSS की होर्डिंग्स में संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि का अपमान, मेरठ में बवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 February 2018, 11:10 IST

एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के मुखिया अमित शाह और पीेएम मोदी दलितों को साधने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. उनके घर जा-जाकर खाना खा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर दलितों के अपमान का आरोप लग रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेरठ में 25 फरवरी को आयोजित होने वाले आरएसएस के कार्यक्रम राष्ट्रोदय को लेकर शहर में लगे होर्डिंग्स पर विवाद खड़ा हो गया है. इस पोस्टर में वाल्मीकि समाज ने आरएसएस पर महर्षि वाल्मीकि और संत रविदास के अपमान का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया.

 

दरअसल इसी 25 तारीख को मेरठ में संघ का सबसे बड़ा सगामन होने जा रहा है. यह देश का सबसे बड़ा आरएसएस समागम माना जा रहा है जिसमें तीन लाख से भी ज्यादा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है.

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इसके लिए इलाके में जो पोस्टर्स लगाए गए हैं उनमें लिखा गया है, ‘'हिंदू धर्म की जैसे प्रतिष्ठा वशिष्ठ जैसे ब्राह्मण, कृष्ण जैसे क्षत्रिय, हर्ष जैसे वैश्य और तुकाराम जैसे शूद्र ने की है, वैसी ही वाल्मीकि, चोखामैला और रविदास जैसे अस्पृश्यों ने भी की है.’' पोस्टर का शीर्षक है ‘'राष्ट्रोदय आपका हार्दिक अभिनन्दन है (जागृति विहार मेरठ)’'

 

वाल्मीकि समाज ने आरएसएस की ओर से शहर में लगाए गए इन होर्डिंग्स में महर्षि वाल्मीकि और संत रविदास को अस्पृश्य लिखने पर नाराजगी जताई है. वाल्मीकि समाज का कहना है कि मेरठ क्रांति की भूमि है, यहां महर्षि वाल्मीकि का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वाल्मीकि समाज के विपिन मनोठिया ने कहा कि आरएसएस के इस महासमागम कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा. साथ ही उन्होंने आरएसएस से 24 घंटे के अंदर होर्डिंग्स उतारने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश में वाल्मीकि समाज आरएसएस के कार्यक्रम का विरोध करेगा.

First published: 20 February 2018, 11:10 IST
 
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