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वेंकैया नायडू: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को 'तीन तलाक' पर राजनीति नहीं करने देंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 October 2016, 15:39 IST
(पीटीआई)

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने अल्पसंख्यक समुदाय के 'तीन तलाक' के मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि बोर्ड इस मामले में राजनीति न करे.

केेंद्रीय मंत्री नायडू ने शुक्रवार को कहा कि यह मामला मानव समाज की लैंगिक समानता और न्याय का है. लिहाजा इस पर किसी को राजनीति करने का कोई हक नहीं है.

वेंकैया नायडू ने कहा, “अगर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लॉ कमीशन का बहिष्कार करना चाहते हैं तो वह इसके लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है लेकिन वो अपनी सोच को दूसरों पर नहीं थोप सकते हैं.”

नायडू ने कहा, “मुझे समझ में नहीं आता कि इसमें परेशानी क्या है? आखिर क्यों इसे पीएम मोदी के पास ले जाने की बात हो रही है? हम सभी को मिलकर इस गंभीर मसले पर एक स्वस्थ बहस होने देनी चाहिए.”

गौरतलब है कि पर्सनल लॉ बोर्ड और मुस्लिम संगठनों ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करके समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग की प्रश्नावली का विरोध किया और सरकार पर उनके समुदाय के खिलाफ ‘युद्ध’ छेड़ने का आरोप लगाया.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और देश के कुछ दूसरे प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने दावा किया कि अगर समान नागरिक संहिता को लागू कर दिया जाता है तो यह सभी लोगों को ‘एक रंग’ में रंग देने जैसा होगा, जो देश और संविधान के लिए खतरनाक होगा.

पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव वली रहमानी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी, ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के प्रमुख मंजूर आलम, जमात-ए-इस्लामी हिंद के पदाधिकारी मोहम्मद जफर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी और कुछ अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने तीन तलाक और समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया और इस मसले पर मोदी सरकार की विचारधारा को पूरी तरह से खारिज कर दिया.

First published: 14 October 2016, 15:39 IST
 
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