Home » इंडिया » Veteran journalist Dilip Padgaonkar pass away
 

PM के बाद TOI के संपादक को सबसे अहम बताने वाले दिलीप पडगांवकर नहीं रहे

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(एजेंसी)

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के पूर्व संपादक और वरिष्ठ पत्रकार दिलीप पडगांवकर का 72 साल की उम्र में शुक्रवार की सुबह पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया.

पडगांवकर को दिल का दौरा पड़ने के बाद 18 नवंबर को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दिलीप पडगावंकर के निधन पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु सहित देश की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने शोक जताया है.

पीएम मोदी ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर ट्वीट किया, "श्री दिलीप पडगांवकर एक बड़े विचारक थे, जिनका पत्रकारिता में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. उनके निधन पर दुखी हूं."

1978 में यूनेस्को से जुड़े

डॉक्टरों के मुताबिक दिल का दौरा पड़ने के बाद उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया था. जिसके कारण उनके कई अन्य अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था. उन्हें डायलसिस पर रखा गया था.

दिलीप पडगांवकर का जन्म पुणे में हुआ था. उनकी शिक्षा सेंट विंसेंट हाईस्कूल और फर्ग्यूसन कॉलेज में हुई थी. उन्होंने फ्रांस के पेरिस-सॉर्बोन यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि ली थी.

वह 1978 में यूनेस्को से जुड़े और बाद में पेरिस में विभिन्न सूचना अनुभागों में अपनी सेवाएं दीं. वह भारत आने और 'टाइम्स ऑफ इंडिया' का संपादक बनने से पूर्व पेरिस में इसी समाचार पत्र के संवाददाता थे.

कश्मीर तनाव पर मध्यस्थों की समिति का हिस्सा

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में संपादक के पद पर रहते हुए उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया के संपादक का पद भारत का सबसे महत्वपूर्ण पद है. पडगांवकर के इस बयान की राजनीतिक और मीडिया जगत में काफी चर्चा हुई थी.

मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार ने जम्मू-कश्मीर में तनाव और हिंसा के दौर में जो तीन सदस्य समिति बनाई गई थी, पडगांवकर उसके सदस्य भी रहे थे. इस समिति में प्रो.एमएम अंसारी और सूचना आयुक्त प्रो राधा कुमार भी शामिल थे.

First published: 25 November 2016, 2:44 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी