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वीडियो: गुजरात का जो वीडियो आपने देखा वह कुछ भी नहीं था, पूरा वीडियो कहीं ज्यादा हृदय विदारक है

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2016, 19:12 IST

गुजरात में गौ रक्षकों द्वारा दलितों की पिटाई के बाद राज्य में दलित समुदाय का विरोध प्रदर्शन जारी है. 11 जुलाई को वेरावल जिले के उना में हिंदू शिव सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा मरी हुई गाय की खाल उतार रहे चार दलितों को बुरी तरह पीटा गया था.

सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो का एक छोटा हिस्सा वायरल हो गया है. कैच के पास इस घटना का पूरा वीडियो है. गुजरात में काम करने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता ने यह वीडियो हमें भेजा है. दिलचस्प बात यह है कि यह वीडियो उन्हें गुजरात पुलिस ने उपलब्ध करवाया था. यह अपने आप में बेहद चिंताजनक बात है.

पहले सामने आए वीडियो में चार दलितों को एक गाड़ी से बांधकर बेहरमी से मारते हुए देखा गया. लेकिन कैच को मिले इस घटना के बाकी हिस्से में इन दलितों को शिव सेना के कार्यकर्ता जगह-जगह घुमा रहे हैं, और हर जगह आते-जाते लोग दलितों को हाथ-पैर-लाठी-डंडे से पीट रहे हैं.

इस सामूहिक हिंसा के बाद चार दलितों में एक युवक की मौत हो गई है. हालांकि, प्रशासन ने यह मानने से इंकार कर दिया है कि युवक की मौत पिटाई के कारण हुई है. प्रशासन का कहना है कि युवक ने व्यक्तिगत कारणों से जहर खाया था. प्रशासन के इस दावे को आंदोलन कर रहे दलितों ने नकार कर दिया है.

दलितों का विरोध प्रदर्शन तेज

गुजरात में दलितों को सार्वजनिक तौर पर पीटे जाने की घटना के बाद पूरे राज्य में प्रदर्शन हो रहे हैं. दलित संगठनों ने गोंडल, राजकोट, जूनागढ़, अमरेली आदि शहरों में बुधवार को बंद का आह्वान किया है. आंदोलन कर रहे दलितों ने सोमवार की रात सौराष्ट्र में राज्य परिवहन निगम की बसों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद सौराष्ट्र क्षेत्र में राज्य परिवहन विभाग की आधी बसों को रोक लिया गया है.

इसके अलावा साथ ही घटना से गुस्साए 16 दलित युवाओं ने दो अलग-अलग जगहों पर आत्महत्या करने की कोशिश की. विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में एक पुलिसकर्मी की भी मौत हुई है.

घटना के संबंध में 16 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है. राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने बताया है कि इन लोगों पर अपहरण, लोगों को बंधक बनाने और एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इस घटना की जांच सीआईडी द्वारा कराने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार ने कहा है कि इस मामले में जल्द न्याय के लिए एक विशेष अदालत का गठन किया जाएगा. साथ ही, सरकार ने पीड़ितों को एक लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है.

सरकारी दफ्तरों के सामने फेंका मृत जानवरों का अवशेष

प्रदर्शन कर रहे दलितों ने सौराष्ट्र के दो नगरों के सरकारी कार्यालयों में मृत गाय और जानवरों के अवशेषों फेंक दिया. मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने करीब 25 मृत जानवर विशेषकर मरी हुई गायों से भरी ट्रक को सुरेंद्रनगर के जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर खड़ा कर दिया है. उनका कहना है कि वह इस ट्रक को तब तक नहीं हटाएंगे जब तक कि अधिकारी दलितों को न्याय के बारे में आश्वासन नहीं देते हैं.

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने सरकार के राजस्व विभाग के कार्यालय में कई मृत जानवरों के अवशेषों को फेंक दिया. साथ ही दलितों ने सभी गांवों और शहरों से भविष्य में मृत जानवरों के अवशेषों को नहीं हटाने की चेतावनी दी है.

First published: 20 July 2016, 19:12 IST
 
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