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वीडियो मामला: तेज बहादुर यादव का VRS रद्द, नज़रबंदी से BSF का इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 February 2017, 13:41 IST

सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने के बाद देश को हिलाने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव का वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) रद्द कर दिया गया है. तेज बहादुर ने अपने वीडियो में खराब क्वालिटी के खाने की शिकायत करते हुए बीएसएफ अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. 

बीएसएफ का कहना है कि जब तक तेज बहादुर के आरोपों की जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक के लिए वह रिटायरमेंट नहीं ले सकते हैं.  जम्मू के पुंछ में तैनात तेज बहादुर यादव ने 9 जनवरी को सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था. 

जांच पूरी होने तक रुकी रिटायरमेंट

इस बीच बीएसएफ ने कहा है कि तेज बहादुर को नजरबंद नहीं किया गया है. तेज बहादुर की पत्नी ने बीएसएफ पर उनके पति को प्रताड़ित और नजरबंद करने का आरोप लगाया था. 20 साल से बीएसएफ में काम कर रहे तेज बहादुर ने सितंबर में वीआरएस का आवेदन किया था. 

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इस आवेदन के मुताबिक 31 जनवरी को रिटायरमेंट मांगी गई थी, लेकिन अब उन्हें फिर से वीआरएस के लिए अप्लाई करना होगा. जम्मू के पुंछ में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात तेज बहादुर ने वीडियो के जरिए अपनी यूनिट में खराब खाने की शिकायत की थी.

तेज बहादुर पर कार्रवाई की सिफारिश

तेज बहादुर के खिलाफ बीएसएफ कोर्ट की कोर्ट ऑफ इनक्वायरी अभी जारी है. अगर तेज बहादुर अपने बयान पर कायम रहता है तो उसका बयान लिया जाएगा. साथ ही आरोपी अफसर का क्रॉस एक्जामिनेशन भी होगा.

तेज बहादुर का वीडियो सामने आने के बाद सीआरपीएफ और सेना के जवानों के भी शिकायती वीडियो सामने आए थे. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे. 

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वहीं तेज बहादुर के आरोपों पर बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेज दी है. सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में तेज बहादुर के आरोपों को गलत बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है. 

First published: 2 February 2017, 13:41 IST
 
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