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Video: जब अटल बिहारी वाजपेयी के गुस्से से बचाने के लिए नरेंद्र मोदी के ढाल बने थे लालकृष्ण आडवाणी

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 August 2020, 12:29 IST

Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की दूसरी पुण्यतिथि है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर हम आपको अटल बिहारी वाजपेयी की नरेंद्र मोदी को दी हुई एक सीख के बारे में बताते हैं. 

बात उन दिनों की है जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री और अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे. साल 2002 में गुजरात में दंगा हुआ था. इसके बाद राज्य के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी पर चौतरफा जुबानी हमला हो रहा है. केंद्र की सत्ता में आसीन अटल बिहारी वाजपेयी पर भी नरेंद्र मोदी को सीएम पद से हटाने का दबाव था.

तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी गुजरात के दौरे पर गए थे. उन्होंने मीडिया के सामने नरेंद्र मोदी को राजधर्म निभाने की नसीहत दी थी. अटल बिहारी वाजपेयी ने दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद मीडिया का संबोधित किया था. मीडिया के संबोधित में अटल जी ने मुख्यमंत्री मोदी को राजधर्म निभाने के लिए कहा था.

मीडिया के होते हुए अटल जी के मुंह से निकली इस बात ने नरेंद्र मोदी को असहज कर दिया था. हालांकि इसके आगे राजधर्म के बारे में अटल बिहारी वाजपेयी कुछ और कह पाते तब तक उनके बाईं ओर बैठे मोदी ने बीच में टोक दिया था. नरेंद्र मोदी ने इसके आगे कहा था, "साहब हम राजधर्म का पालन कर रहे हैं."

इस पर अटल जी ने भी स्थिति संभालते हुए तुरंत हामी भरी थी. उन्होंने कहा था, "नरेंद्र भाई राजधर्म का पालन कर रहे हैं. मुझे पूरे उम्मीद है." तब अटकलें थीं कि अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली से यह मन बनाकर गए थे कि मोदी को गुजरात के सीएम पद से हटाना है.

राजनीतिक हलकों में तब यह खबर तेजी से फैली थी कि अटल जी मोदी से नाराज हैं. उस समय कहा गया था कि अटल जी के गुस्से से बचाने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी नरेंद्र मोदी के ढाल बनकर खड़े हो गए थे. आडवानी ने तब नरेंद्र मोदी को जीवनदान दिलवाया था. नीचे देखें वीडियो...

 

First published: 16 August 2020, 12:29 IST
 
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