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Videocon लोन केस : CBI ने ICICI बैंक की CEO चंदा कोचर के खिलाफ दर्ज की FIR

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 January 2019, 16:04 IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर के खिलाफ 3,250 करोड़ रुपये के आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन ऋण मामले में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की है. एफआईआर में उनके पति दीपक कोचर, न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और वीडियोकॉन समूह के एमडी वेणुगोपाल धूत का भी नाम है.

जांच एजेंसी ने मुम्बई के नरीमन पॉइंट पर नूपावर रिन्यूएबल्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय और पर मुंबई और औरंगाबाद में वीडियोकॉन के दफ्तरों पर छापेमारी की. छापेमारी करने के कुछ ही घंटों बाद आरोपियों को नामजद किया गया. भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी आर / डब्ल्यू 420 और धारा 7, धारा 13 (2) आर / डब्ल्यू 13 (1) (डी) के तहत भ्रष्टाचार अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

 

यह छापेमारी विडियोकॉन ग्रुप को 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से मिले 3,250 करोड़ रुपये के लोन के सिलसिले में की गई. धूत ने 2010 में NuPower Renewables Pvt Ltd (NRPL) के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई के माध्यम से 64 करोड़ रुपये दिए, जिसे उन्होंने दीपक कोचर और अपने दो रिश्तेदारों के साथ बनाया था. ईसीआईसीआई बैंक से ऋण प्राप्त करने के छह महीने बाद 9 लाख रुपये दीपक कोचर के स्वामित्व वाले एक ट्रस्ट को कंपनी का स्वामित्व हस्तांतरित कर दिया.

3,250 करोड़ रुपये के ऋण का लगभग 86 प्रतिशत (2,810 करोड़ रुपये) बकाया है. वीडियोकॉन खाते को 2017 में एनपीए घोषित किया गया था. इस बीच, अक्टूबर 2018 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने संकेत दिया था कि उसने अभी तक ICICI बैंक, और उसकी एमडी और सीईओ चंदा कोचर को ब्याज के संघर्ष के मुद्दे पर, क्विड प्रो क्वो और कॉर्पोरेट के लिए क्लीन चिट नहीं दी है.

ideocon लोन केस: CBI ने दर्ज की FIR, कई जगहों पर छापेमारी

First published: 24 January 2019, 16:04 IST
 
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