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विजयादशमी: 90 साल बाद निकर से फुलपैंट में संघ स्वयंसेवक, पथ संचलन में नया गणवेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 October 2016, 9:23 IST
(एएनआई)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर संगठन का गणवेश बदल गया है. 90 साल बाद आरएसएस के स्वयंसेवक निकर के बजाए फुल पैंट में नजर आए. विजयादशमी के मौके पर संघ के मुख्यालय नागपुर में बड़ा आयोजन हो रहा है.

संघ के स्वयंसेवकों ने विजयादशमी पर आयेाजित समारोह के दौरान खाकी निकर की बजाय ब्राउन (भूरी) फुल पैंट में पथ संचलन निकाला. खास बात यह है कि इस समारोह में पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी आरएसएस के इस नए गणवेश में दिखे.

कार्यक्रम में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत भी शामिल हुए. खाकी निकर आरएसएस के गणवेश में 90 साल से शामिल थी. संघ को बीजेपी का वैचारिक मार्गदर्शक माना जाता है.

मोजों का भी बदलेगा रंग

इसके साथ ही आरएसएस ने स्वयंसेवकों के लिए मोजों के रंग को बदलने की भी मंजूरी दे दी है. पुराने खाकी रंग की जगह अब गहरे भूरे रंग के मोजे इसमें शामिल होंगे. वहीं पारंपरिक रूप से शामिल दंड गणवेश का हिस्सा बना रहेगा.

इसके अलावा जिन राज्यों में ज्यादा सर्दी पड़ती है, वहां स्वयंसेवकों को गहरे ब्राउन रंग के स्वेटर पहनने के निर्देश मिले हैं. ऐसे एक लाख स्वेटरों का ऑर्डर दिया जा चुका है.

एएनआई

2009 में गणवेश बदलने का विचार

आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा, "कई मुद्दों पर संघ के साथ काम करने को लेकर समाज की स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है और सुविधा के स्तर को देखते हुए वेशभूषा में बदलाव किया गया. यह परिवर्तन बदलते समय के मुताबिक ढलने को प्रकट करता है."

मनमोहन वैद्य ने बताया कि स्वयंसेवकों को आठ लाख से ज्यादा ट्राउजर बांटे गए हैं. इनमें से छह लाख सिले हुए ट्राउजर हैं और दो लाख फुलपैंट का कपड़ा है. देश में फैले संघ के कार्यालयों पर इन्हें पहुंचा दिया गया है.

विजयादशमी के दिन से आरएसएस का यह गणवेश अब इतिहास का हिस्सा बन गया है. (फाइल फोटो)

वैद्य ने साथ ही कहा कि 2009 में गणवेश में बदलाव का विचार हुआ था, लेकिन तब इस पर आगे काम नहीं हो सका. काफी मंथन के बाद 2015 में इस प्रस्ताव को फिर से आगे बढ़ाया गया. जिसके बाद निकर की जगह फुलपैंट को वेशभूषा में शामिल करने पर सहमति बन गई. संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने इस प्रस्ताव पर कुछ महीने पहले मुहर लगाई थी.

नागपुर में संघ मुख्यालय पर आयोजित पथ संचलन में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत शामिल हुए. वहीं विजयादशमी के मौके पर देशभर में आरएसएस की ओर से शस्त्र पूजन कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं.

विजयादशमी के ही दिन 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी. इसके पहले सरसंघचालक केशव बलिराम हेडगेवार थे.

First published: 11 October 2016, 9:23 IST
 
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