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अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को बड़ी कामयाबी, Chandrayaan-2 से अलग हुआ लैंडर विक्रम

सुहेल खान | Updated on: 2 September 2019, 15:11 IST
(Twitter/ISRO/Chandrayaan2)

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को सोमवार को सबसे बड़ी कामयाबी मिली है. दरअसल, इसरो के चंद्रयान 2 से लैंडर विक्रम सफलतापूर्वर अलग हो गया है. अब लैंडर विक्रम चंद्रमा की सहत पर 7 सितंबर की रात 1.30 से 02.00 बजे के बीच लैंड करेगा. इसी के साथ भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा जिसने चंद्रमा की सतह पर अपना अंतरिक्षयान लैंड कराया है.

इससे पहले अमेरिका, रूस, और चीन ही चंद्रमा की सतह पर अपना अंतरिक्षयान लैंड करा पाए हैं. हालांकि भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन जाएगा जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपना अंतरिक्षयान उतारा हो, क्योंकि इससे पहले चंद्रमा की सहत पर अपने अंतरिक्षयान लैंड कराने वाले तीनों देश चंद्रमा के उत्तरी ध्रुव पर ही लैंडिंग लैंड करा पाए हैं.

अब विक्रम लैंडर चांद की कक्षा के दो चक्‍कर लगाएगा. इसी दौरान इसे चांद के दक्षिणी ध्रव पर उतरने के लिए तैयार किया जाएगा. यह 7 सितंबर को चांद पर उतरकर अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारते का नाम इतिहास में रचेगा. विक्रम लैंडर में अत्‍याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जो कि चांद पर कई सारे अहम शोध करेंगे. विक्रम के साथ ही चांद की सतह पर प्रज्ञान नाम का रोबोटिक यान भी उतरेगा.

बता दें कि भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने 3,850 किलोग्राम का चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को लॉन्च किया था. उसके बाद 20 अगस्त को चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया. इससे पहले इसने पृथ्वी के चार चक्कर लगाए. रविवार को चंद्रयान ने चंद्रमा के पांच चक्कर पूरे किए.

 इसके बाद सोमवार को लैंडर विक्रम भारतीय समयानुसार दोपहर 01.15 मिनट पर चंद्रयान-2 से अलग हो गया. चंद्रयान-2 तीन भागों वाला अंतरिक्षयान है. जिसमें ऑर्बिटर, लैंडर और रोबर लगाए गए हैं. चंद्रमा पर लैंडिंग के बाद रोबर प्रज्ञान ही चंद्रमा की सतह पर कई प्रयोग करेगा और तमाम शानदार तस्वीरें क्लिक कर इसरो को भेजेगा.

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First published: 2 September 2019, 15:20 IST
 
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