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बीफ हत्याकांड: अखलाक के गांव में फिर तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2016, 14:29 IST

उत्तर प्रदेश के बिसाहड़ा गांव में बीफ खाने की अफवाह के बाद पनपे धार्मिक उन्माद ने अखलाख नामक व्यक्ति की जान ले ली थी.

इस विवाद के बाद सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी. वहीं अब मुख्यमंत्री के खिलाफ अखलाक के गांव वालों ने भी मोर्चा खोल दिया है. बिसाहड़ा गांव के लोग अखलाक हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर रहे है.

अखलाक की हत्या के इतने दिनों बाद आज बिसाहड़ा में स्थिति फिर तनावग्रस्त हो गई है. पुलिस अधिकारियों ने गांव में सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए बुधवार की सुबह भारी पुलिस और पीएसी की तैनाती कर दी है.

यह विवाद तब उपजा जब बिसाहड़ा गांव के लोगों ने बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला जलाने की घोषणा की. इसी कारण प्रशासन ने बुधवार को दिन निकलने से पहले ही भारी सुरक्षाबल गांव में भेज दिया गया.

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इस मामले में जिला प्रशासन कहना है कि गांव में धारा 144 लगा दी गई है. अधिकारी गांव में आने-जाने वालों पर सख्त नजर रख रहे हैं. दादरी एसडीएम राजेश सिंह के मुताबिक यदि जरूरत हुई तो गांव में बाहर आने वालों पर प्रतिबंधित लगा सकते हैं.

दरअसल ने बिसाहड़ा गांव के लोगों ने मंगलवार को स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थानों को जबरिया बंद करा दिया था. इस मामले में पुलिस ने 300 महिला और पुरुषों के खिलाफ सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है.

ग्रामीण 28 सितम्बर 2015 की रात अखलाख के घर से मिले मांस की फोरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं. यह रिपोर्ट मथुरा लैब से 30 दिसंबर 2015 को भेजी जा चुकी है, लेकिन पुलिस ने इस रिपोर्ट को अब तक कोर्ट में दाखिल नहीं किया है.

वहीं बिसाहड़ा के ग्रामीण आस-पास के 144 गांवों में जनसम्पर्क कर रहे हैं. ग्रामीणों ने 10 अप्रैल को इस मामले में महापंचायत बुलाई है.

First published: 30 March 2016, 14:29 IST
 
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