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विनय कटियार: राम मंदिर आंदोलन भाजपा नहीं, हमने चलाया था

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 September 2016, 16:21 IST
(पीटीआई)
QUICK PILL
  • बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा है कि राम मंदिर आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी ने नहीं बल्कि उनके जैसे रामभक्तों ने शुरू किया था. 
  • राम मंदिर आंदोलन के शुरुआती दौर से जुड़े रहे कटियार ने कहा है कि एक बार फिर से संगठन खड़ा करके आंदोलन करना होगा.
  • विनय कटियार अभी बीजेपी से राज्यसभा सांसद हैं. 90 के दशक में जब मंदिर आंदोलन जोर पकड़े हुए था, उस वक्त कटियार फैजाबाद सीट से सांसद हुआ करते थे.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट से ही राममंदिर की चर्चा शुरू हो जाती है. अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद एक बार फिर चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है.

हाल ही में सपा मुखिया ने रामसेवकों पर गोली चलने को जायज बताया है. और अब बीजेपी सांसद विनय कटियार कह रहे हैं कि राममंदिर आंदोलन हमारी देन थी, लेकिन इसे हड़प लिया किसी और ने. उनका कहना है कि इस आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी ने नहीं बल्कि हम जैसे रामभक्तों ने शुरू किया था.

राममंदिर का मुद्दा पीछे नहीं छूटा

विनय कटियार ने एक कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन के सवाल पर बोलते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन को बीजेपी ने नहीं बल्कि उन जैसे लोगों ने चलाया था. उन्होंने कहा कि इसके आगे कुछ चाहिए तो बलिदान देना पड़ेगा.

विनय कटियार ने कहा है कि राम मंदिर आंदोलन हमारी देन थी, लेकिन इसे किसी और ने हड़प लिया.

कटियार ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा पीछे नहीं छूटा है और राम के बिना विकास होना संभव नहीं है. विनय कटियार ने कहा कि हमें राम मंदिर मामले के हल के लिए अदालत के फैसले का इंतजार है, लेकिन इसमें बहुत देर हो रही है. कोर्ट में फैसले में देरी को देखते हुए उन्होंने इस मसले के सामाजिक हल की बात कही.

हालांकि, कटियार ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने की बात से साफ इनकार कर दिया. कटियार ने कहा कि हमारे लिए राम मंदिर का मुद्दा किनारे नहीं हुआ है. कोर्ट बहुत समय ले रहा है. जब तक कोई मुद्दा नहीं छेड़ेगा. आंदोलन शुरू नहीं होगा. इसके लिए एक बार फिर से संगठन खड़ा करना होगा और आंदोलन करना होगा.

विनय कटियार और राममंदिर आंदोलन

अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने से एक दिन पहले पांच दिसंबर को अयोध्या में विनय कटियार के घर पर एक गोपनीय बैठक हुई, जिसमें लालकृष्ण आडवाणी के अलावा शिव सेना नेता पवन पांडे भी मौजूद थे.

माना जाता है कि इसी बैठक में विवादित ढांचा गिराने का आखिरी फैसला किया गया. विवादित ढांचे के ढहाए जाने के बाद कटियार का राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा. वह बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव भी बनाए गए और वर्तमान में राज्यसभा से सांसद हैं और जब-तब पार्टी लाइन की परवाह किए बगैर राम मंदिर की मांग दोहराया करते हैं.

कहा जाता है कि छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने से एक दिन पहले कटियार के घर गोपनीय बैठक हुई थी.

राजीव गांधी ने 1985 में बाबरी मस्जिद परिसर का ताला खोलने का आदेश दिया और फिर सारा विवाद नए सिरे से शुरू हो गया. दरअसल राजीव गांधी शाह बानो केस में मुस्लिम कंजर्वेटिव लीडरों का पक्ष लेने का आरोप झेल रहे थे.

माना जाता है कि पॉलिटिकल बैलेंस बनाने के चक्कर में उन्होंने हिंदुओं को उपकृत करने का फैसला किया और बाबरी परिसर का ताला खुलवा दिया.

बीजेपी को मिला आंदोलन का फायदा

राम मंदिर के मुद्दे पर सवार होकर बीजेपी ने पहली बार यूपी में सत्ता का स्वाद चखा और फिर देखते ही देखते दो सांसदों वाली बीजेपी पार्टी देश में एक बड़ी पार्टी बनकर उभरी और अब तो दिल्ली में बीजेपी की अपनी बहुमत वाली सरकार भी है.

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. हाल ही में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि 1990 के अयोध्या गोलीकांड में 16 लोगों की जानें गई थीं, अगर 30 भी जातीं तो उन्हें मंजूर था. ऐसे में विनय कटियार के ताजा बयान से अयोध्या का उत्तर प्रदेश की सियासत पर असर आसानी से समझा जा सकता है.  

First published: 7 September 2016, 16:21 IST
 
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