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मथुरा हिंसा में एसपी-एसओ समेत 24 लोगों की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 June 2016, 14:14 IST

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गुरुवार को हुई हिंसा में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 24 हो गया है. हिंसा की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय पुलिस शहर के जवाहर बाग इलाके में कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे सत्याग्रहियों को हटाने पहुंची.

बताया जा रहा है कि जैसे ही एसओ संतोष यादव और एसपी मुकुल द्विवेदी जवाहरबाग के भीतर पुलिस दल के साथ पहुंचे, वहां महीने भर से कब्जा जमाए प्रदर्शनकारियों ने फायर कर दिया. इस फायरिंग में थानाध्यक्ष संतोष यादव और एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को गोली लग गई. संतोष यादव की वहीं पर मौत हो गई जबकि मुकुल द्विवेदी ने देर रात एक स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया. पुलिस विभाग के मुताबिक़ इस हिंसा में 23 पुलिसवाले घायल भी हुए हैं.

मथुरा के एसएसपी डॉ. राकेश सिंह के मुताबिक पुलिस का आशय किसी को क्षति पहुंचाना नहीं था, क्योंकि वे भी देश के नागरिक हैं. पुलिस जवाहरबाग का निरीक्षण को करने पहुंची थी. इसी दौरान कब्जाधारियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. साथ ही उन्होंने झोपड़ियों में आग लगा दी, जो कि उनकी रणनीति का हिस्सा था ताकि वे आसानी से फायरिंग कर सके.

कौन हैं प्रदर्शनकारी

ख़ुद को सुभाष चंद्र बोस का अनुयायी बताने वाले सत्याग्रहियों के संगठन का नाम स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रही बताया जा रहा है. इसके अलावा एक और संगठन इसमें शामिल है जिसका नाम है स्वाधीन भारत सुभाष सेना. इनके नेता का नाम रामवृक्ष यादव बताया जा रहा है जो इस घटना के बाद से अपने साथियोंं के साथ फरार है.

ये प्रदर्शनकारी मध्य प्रदेश के सागर जिले से दिल्ली प्रदर्शन करने जा रहे थे. 18 अप्रैल, 2014 को ये मथुरा पहुंचे थे. इसके बाद से इन्होंने जवाहरबाग इलाके में कब्जा कर लिया था. इसके अलावा इसमें जयगुरुदेव से अलग हुआ एक गुट भी शामिल है. 

अपने को धार्मिक संगठन बताने वाले इस समूह के सदस्यों ने दो साल से अधिक समय से पार्क पर कब्जा कर रखा था. अदालत से आदेश के बावजूद पुलिस उन्हें अभी तक यहां से निकालने में विफल रही थी.

इन सत्याग्रहियों की मांगें बेहद अजीब सी हैं, मसलन एक रुपए में 40 लीटर पेट्रोल मिले या फिर भारत का रुपया 50 देशों में चलेे. इन प्रदर्शनाकियों को जवाहर बाग़ से हटाने का मामला हाईकोर्ट भी जा चुका है और अदालत ने उन्हें हटाने का निर्देश भी दिया था.

गुरुवार को जब पुलिस उन्हें हटाने पहुंची तो इन प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया और इस दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से हुई फायरिंग में थानाध्यक्ष संतोष यादव और एसपी मुकुल द्विवेदी की मौत हो गई. जवाहर बाग इलाका मथुरा में आगरा रोड पर कलेक्ट्रेट के पास है.

जवाहर बाग स्थित बागवानी विभाग की करीब 100 एकड़ जमीन पर प्रदर्शनकारियों ने अवैध कब्‍जा कर रखा था जिसे हटाने के लिए बुधवार को पुलिस पहुंची थी. वहां कब्‍जेधारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हो गई. 3000 प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए जवाहर बाग में पुलिस बल गया था.

गुस्‍साई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भी लाठी चार्ज और आंसू गैस का इस्‍तेमाल किया. कई प्रदर्शनकारियों के भी मारे जाने की आशंका है.

मथुरा के जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया है कि पुलिस जवाहरबाग इलाके में गश्त कर रही थी, इसी बीच पार्क में कब्जा जमाए लोगों ने पीछे से हमला कर दिया. इसमें एक दरोगा और एशपी शहीद हो गए हैं, जबकि कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. इन लोगों ने जवाहरबाग के पीछे से कलक्ट्रेट पर भी कब्जा कर लिया था. पुलिस की कार्रवाई में सैकड़ों लोग गिरफ्तार भी हुए हैं. एंटी माइन टीम बुलाई गई है. कुछ कब्जाधारी भी घायल हुए हैं, उन्हें उपचार को भेजा गया है.

घटनाक्रम

4:30 बजे शाम - एसएसपी राकेश कुमार सिंह, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और सिटी मजिस्ट्रेट जवाहरबाग का निरीक्षण करने पहुंचे.

5:00 बजे नगर पालिका की जेसीबी मंगवा कर जवाहरबाग की बाउंड्री तुड़वाई.

5:15 बजे अवैध कब्जाधारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया.

5:30 बजे एसओ फरह संतोष कुमार यादव को गोली लगी.

5:35 बजे पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई शुरू की गई.

5:45 बजे कब्जाधारियों व पुलिस-पीएसी के बीच घमासान.

5:50 बजे कब्जाधारियों ने पुलिस कर्मियों पर हथगोले फेंके.

5:55 बजे झोपड़ियों और पेड़ों में आग लगाकर भागे कब्जाधारी.

6:00 से सात बजे पुलिस टीम ने जवाहरबाग को खाली कराया.

6:32 बजे घायलों को जिला अस्पताल और नयति हॉस्पीटल भेजा गया.

6:35 बजे कब्जाधारियों ने अपनी झोपड़ियों ने आग लगाई.

6:45 बजे पूरा जवाहरबाग आग की चपेट में आ गया.

6:46 बजे कब्जेधारियों ने पुलिस ने मायक के द्वारा फायरिंग रोकने की अपील की.

6:50 बजे कब्जेधारियों में मची भगदड़, बाहर की ओर भागे.

6:55 बजे अस्पताल से एसओ संतोष यादव के शहीद होने की खबर आई.

7:00 बजे डीएम राजेश कुमार और एसएसपी डॉ. राकेश सिंह फोर्स के साथ जवाहरबाग में दाखिल हुए.

7.30 बजे जवाहरबाग से बाहर आए अधिकारियों ने ऑपरेशन समाप्त होने की घोषणा की.

7:50 बजे कलक्ट्रेट का राउंड लेकर मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया.

रात 11:30 बजे एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के शहीद होने की घोषणा की गई.

रात 1.30 बजे पुलिस ने जवाहरबाग को घेरे में रखा हुआ था.

First published: 3 June 2016, 14:14 IST
 
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