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मथुरा में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प, एसओ की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 June 2016, 23:05 IST

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गुरुवार को उस समय व्यापक हिंसा भड़क उठी जब स्थानीय पुलिस शहर के जवाहर बाग इलाके में कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे सत्याग्रहियों को हटाने पहुंची.

इस हिंसा में थानाध्यक्ष संतोष यादव की गोली लगने से मौत हो गई है. इसके अलावा जिले के एसपी सिटी मुकुल द्विवेद्वी भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. पुलिस विभाग के मुताबिक़ इस हिंसा में कुल 10 पुलिसवाले घायल हुए हैं.

ख़ुद को सुभाष चंद्र बोस का अनुयायी बताने वाले सत्याग्रहियों की मांगें कुछ अजीब सी हैं, जैसे एक रुपए में 40 लीटर पेट्रोल मिले या फिर भारत का रुपया 50 देशों में चलेे. इन प्रदर्शनाकियों को जवाहर बाग़ से हटाने का मामला हाई कोर्ट भी जा चुका है और अदालत ने उन्हें हटाने का निर्देश भी दिया था.

गुरुवार को जब पुलिस उन्हें हटाने पहुंचे तो इन प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया और इस दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से हुई फायरिंग में थानाध्यक्ष संतोष यादव की मौत हो गई. जवाहर बाग इलाका मथुरा में आगरा रोड पर कलेक्ट्रेट के पास है.

पुलिस जवाहर बाग स्थित बागवानी विभाग की करीब 100 एकड़ जमीन पर अवैध कब्‍जे को हटाने पहुंची थी. वहां कब्‍जेधारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हो गई. बताया जा रहा है कि जब करीब 3000 प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए जवाहर बाग में पुलिस बल गया था.

अपने को धार्मिक संगठन बताने वाले एक समूह के सदस्यों ने दो साल से अधिक समय से पार्क पर कब्जा कर रखा था. अदालत से आदेश के बावजूद पुलिस उन्हें अभी तक यहां से निकालने में विफल रही थी.

बताया जा रहा है कि जब पुलिस टीम पार्क में अवैध कब्‍जेधारियों को हटाने पहुंची तो भीड़ गुस्‍सा गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज और आंसू गैस का इस्‍तेमाल करना पड़ा, जिसके बाद ओपन फायरिंग करनी पड़ी.

एक वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक पुलिस स्‍टेशन प्रभारी की इस संघर्ष में मौत हुई है, जबकि कई अन्‍य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें एसपी सिटी भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इस झड़प में कब्‍जेधारी पक्ष के भी कुछ लोग घायल हुए हैं.

First published: 2 June 2016, 23:05 IST
 
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