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बीजेपी सांसद: यज्ञ कराने से बारिश, खत्म होगा सूखा

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 May 2016, 14:45 IST

एक तरफ देश सूखे के बड़े संकट से जूझ रहा है, सुप्रीम कोर्ट ने टास्क फोर्स और राहत कोष बनाने के निर्देश दिए हैं. वहीं दूसरी ओर बीजेपी के सांसद वीरेंद्र सिंह का अजीबोगरीब बयान सामने आया है.

बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह ने सभी सांसदों को अपने-अपने इलाकों में यज्ञ कराने का सुझाव दिया है. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि यज्ञ कराने से निश्चित रूप से बारिश होगी और सूखे से निपटने में मदद मिलेगी.

virendra singh

वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि सूखा एक प्राकृतिक प्रकोप है और जब प्रकृति से छेड़छाड़ कर भौतिक विकास किया जाता है ,तो प्रकृति उसका जवाब देती है.

'उज्जैन में यज्ञ से बारिश'


सांसद से जब उनके बयान पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मैंने जो बयान दिया उसका वैज्ञानिक आधार है. यज्ञ का धुआं बादलों तक पहुंचता है, जिसके बाद बारिश होती है."

वीरेंद्र सिंह की बेतुकी दलीलें यहीं नहीं रुकीं. सांसद ने आगे कहा कि उज्जैन में यज्ञ हो रहे हैं, इसलिए वहां बारिश हुई है.

लोकसभा में सूखे पर चर्चा


लोकसभा में सूखे और पेयजल संकट की स्थिति पर नियम 193 के तहत हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए भदोही से बीजेपी सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिस तरह राजा जनक ने इंद्रदेवता को मनाने के लिए खेतों में हल चलाया था और यज्ञ किया था उसी प्रकार हमें भी यज्ञ करना चाहिए.

वीरेंद्र सिंह ने कहा कि राजा जनक के राजधर्म का पालन करने से बारिश हुई थी. इसी तरह से हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भी देश में सूखे की समस्या के समाधान के लिए सात लाख जलाशयों को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं.

सांसदों से यज्ञ कराने की अपील


बीजेपी सांसद ने कहा कि यज्ञ के आध्यात्मिक कारण के साथ ही वैज्ञानिक कारण हैं. सांसद ने साथी सांसदों से बारिश के लिए अपने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में यज्ञ कराने की अपील की.

वहीं वीरेंद्र सिंह ने सूखे पर उत्तर प्रदेश सरकार पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता बेहद आक्रोशित है और मुख्यमंत्री को करारा जवाब देगी.

देश के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज देने और गंभीर पेयजल संकट का स्थायी समाधान निकालने पर जोर देते हुए कई सदस्यों ने लोकसभा में सरकार से मांग की कि प्रभावित इलाकों में किसानों का कर्ज माफ किया जाए.

First published: 12 May 2016, 14:45 IST
 
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