Home » इंडिया » War in CBI: Rakesh Asthana vs Alok Verma CBI write letter to CVC
 

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI में शुरू हुई ओहदे की लड़ाई, भिड़े दो शीर्ष अधिकारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 July 2018, 14:11 IST

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI में ओहदे की लड़ाई छिड़ गई है. यह लड़ाई एजेंसी के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच देखने को मिल रही है. फिलहाल एजेंसी यह तय नहीं कर पा रही कि अभी उसका असली बॉस कौन है. इसे लेकर एजेंसी ने सीवीसी को एक पत्र लिखा है. दरअसल सीबीआई में सीवीसी की हरी झंडी के बाद ही विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं.

एजेंसी ने लिखे पत्र में कहा है कि उसके दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को वर्तमान निदेशक आलोक वर्मा की अगुआई करने का अधिकार नहीं है. पत्र में यह भी कहा गया है कि कई अधिकारी जिन्हें एजेंसी लेना चाह रही है, उनके खिलाफ आरोपों की जांच चल रही है. राकेश अस्थाना के खिलाफ भी कई मामलों में जांच जारी है.

इसे लेकर सीबीआई ने लिखा कि संस्था की ईमानदारी को बनाए रखने के लिए निदेशक आलोक वर्मा की गैर-मौजूदगी में अस्थाना अधिकारियों की भर्ती नहीं कर सकते. एजेंसी ने सीवीसी को लिखे पत्र में कहा है कि अस्थाना वर्तमान निदेशक आलोक वर्मा की जगह लेने के योग्य नहीं हैं.

पढ़ें- ममता के गढ़ में बोले पीएम मोदी- कुछ महीनों में जुल्म खत्म होने वाला है

सीबीआई ने अपने पत्र में ऐसे ही कुछ और अफसरों पर भी ऐतराज जताया है जिनके खिलाफ जांच चल रही है. इसके बावजूद उन्हें एजेंसी में शामिल करने की तैयारी है. इस मामले में उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी ज्योति नारायण का भी नाम लिया गया है. नारायण के खिलाफ एक आपराधिक मामले की जांच सीबीआई कर रही है. इसके बावजूद सीबीआई में संयुक्त निदेशक बनाने की तैयारी है. ज्योति नारायण फिलहाल सिविल एविएशन ब्यूरो में जॉइंट डायरेक्टर जनरल हैं.

सीबीआई में भर्ती के लिए उत्तरदायी सीवीसी की अध्यक्षता वाली सलेक्शन कमेटी भी सवालों के घेरे में है क्योंकि पिछले साल अस्थाना जब विशेष निदेशक बनाए गए, उसके पहले आलोक वर्मा ने अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. इसके बावजूद अस्थाना को विशेष निदेशक जैसा अहम पद दिया गया.

First published: 16 July 2018, 14:12 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी