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रॉबर्ट वाड्रा और हथियार कारोबारी संजय भंडारी के बीच क्या है रिश्ता?

सादिक़ नक़वी | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(कैच हिंदी)
QUICK PILL
  • आयकर विभाग और ईडी के अधिकारियों को लगता है कि जिस आलीशान बंगले को 2009 में खरीद कर उसे 2010 में संजय भंडारी द्वारा बेचा गया, वह वाड्रा के लिए किया गया बेनामी सौदा था.
  • रिपोर्ट के मुताबिक भंडारी को 2009 से 2014 के बीच शेल कंपनियों से 69.38 करोड़ रुपये मिले. इसी जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि ओआईएस को पीएफ एजी एसपीए नाम की कंपनी से 10 लाख स्विस फ्रैंक मिले. इसके दो साल बाद भारत सरकार ने कंपनी के साथ 75 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के लिए 4,000 करोड़ रुपये की डील की.

रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर से जांच के घेरे में आ गए हैं. हालांकि कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी ने इसे साजिश करार दिया है, वहीं आयकर विभाग और ईडी के अधिकारियों को लगता है कि  जिस आलीशान बंगले को 2009 में खरीद कर उसे 2010 में संजय भंडारी द्वारा बेचा गया, वह वाड्रा के लिए किया गया बेनामी सौदा था. संजय भंडारी हथियारों के कारोबार में बिचौलिये का काम करता है.

आयकर विभाग और ईडी के अधिकारियों ने पिछले महीने भंडारी से जुड़े 18 ठिकानों पर छापा मारा. सोमवार को एनडीटीवी ने बताया कि जांच करने वाली एजेंसियों की रिपोर्ट में वाड्रा और उनके सहयोगी मनोज अरोड़ा की तरफ से बंगले की साज सज्जा के लिए भेजे गए ईमेल की प्रति है.

खबरों के मुताबिक 12 एलर्टन हाउस को अक्टूबर 2009 में 19 करोड़ रुपये में खरीदा गया और फिर इसे जून 2010 में बेच दिया गया. जांच अधिकारी दुबई में भंडारी द्वारा खरीदी गई अन्य प्रॉपर्टीज की भी जांच कर रहे हैं.

जांच के तार

वाड्रा और उनके सहयोगी ने सुमित चड्ढा से ईमेल पर बातचीत की थी. चंड्ढा, भंडारी के संबंधी हैं. कैच स्वतंत्र रूप से इस ईमेल की पुष्टि नहीं करता है. 

हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक ईमेल में चड्ढा वाड्रा को बंगले के रिनोवेशन के बारे में जानकारी दे रहे हैं और साथ ही उनसे खर्च की गई रकम का भुगतान करने के लिए कह रहे हैं.

वाड्रा ने चड्ढा से कहा कि अरोड़ा उनके संपर्क में रहेंगे. इसके बाद अरोड़ा दूसरे ईमेल के जरिये चड्ढा के संपर्क में रहे. खबरों के मुताबिक भंडारी ने वाड्रा के लाभार्थी होने की बात से इनकार नहीं किया है. हालांकि उन्होंने अपने वकील के जरिये बिक्री दस्तावेजों को देखने की जरूरत बताई. वहीं वाड्रा ने बयान जारी कर भंडारी और संबंधित प्रॉपर्टी से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है. 

हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक वाड्रा लगातार भंडारी के संपर्क में थे. वहीं चड्ढा ओआईएस यूरोप नाम की कंपनी में डायरेक्टर हैं, जो 118 पिकेडली लंदन के नाम पर पंजीकृत है. चड्ढा ब्रिटिश नागरिक हैं. ओआईएस यूरोप का गठन 2010 में किया गया था जबकि भंडारी ने महज 1 लाख रुपये की चुकता पूंजी के साथ ओआईएस इंडिया का गठन 2008 में किया था.

भंडारी की तेज तरक्की का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी एक कंपनी ओआईएस एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने मिलिट्री रडार की मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा. यह खुफिया एजेंसियों की जांच के घेरे में है. एजेंसियों को संदेह इस बात को लेकर है कि कंपनी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद काम करना शुरू किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक भंडारी को 2009 से 2014 के बीच शेल कंपनियों से 69.38 करोड़ रुपये मिले. इसी जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि ओआईएस को पीएफ एजी एसपीए नाम की कंपनी से 10 लाख स्विस फ्रैंक मिले. इसके दो साल बाद भारत सरकार ने कंपनी के साथ 75 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के लिए 4,000 करोड़ रुपये की डील की.

रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्ता वेस्टलैंड के बाद सरकार पिलाट्स डील की भी जांच कर रही है. एक अन्य फ्रांसीसी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक भंडारी 1997 की सुखोई डील में भी शामिल था.

भंडारी न केवल वाड्रा बल्कि एनडीए के अशोक गणपति राजू और सिद्धार्थ नाथ सिंह के भी संपर्क में था

वाड्रा ही एकमात्र वैसे व्यक्ति नहीं है जिनका संबंध विवादित कारोबारी के साथ सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक भंडारी एनडीए के नेताओं के भी संपर्क में रहे हैं. कांग्रेस नेता शीला दीक्षित के अलावा एनडीए के नागर विमानन मंत्री अशोक गणपति राजू और सिद्धार्थ नाथ सिंह भी भंडारी के संपर्क में थे.

इस बीच रक्षा मंत्रालय ने बड़े रक्षा सौदों से जुड़े कुछ अहम दस्तावेजों के लीक किए जाने की जांच शुरू कर दी है. यह दस्तावेज भंडारी के ठिकानों पर पड़े छापे के बाद मिले थे. 

गृह मंत्रालय ने इन दस्तावेजों को रक्षा मंत्रालय को भेज दिया है. अब यह रक्षा मंत्रालय को तय करना है कि वह इस मामले में सरकारी गोपनीयता कानून का इस्तेमाल करता है या नहीं. कांग्रेस आश्चर्यजनक रूप से वाड्रा के बचाव में आ गई है. 

सोनिया गांधी ने कहा कि यह कांग्रेस मुक्त भारत की साजिश है, वहीं रणदीप सिंह सूरजेवाला ने कहा, 'रॉबर्ट वाड्रा को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्हें कांग्रेस विरोधी लगातार निशाना बना रहे हैं.'

First published: 1 June 2016, 1:53 IST
 
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