Home » इंडिया » We believe in Satyamev Jayate, Modi Govt believes in Adanimev Jayate
 

मोदी सरकार का आधार है अडानीमेव जयते: कांग्रेस

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2016, 6:42 IST

पूर्व पर्यावरण मंत्री और कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने उद्योगपति गौतम अडानी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि हमारे गणतंत्र का आधार है सत्यमेव जयते और मोदी सरकार आधार है अडानीमेव जयते.

रमेश ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “2009 में गुजरात सरकार ने अडानी को मुंद्रा पोर्ट की मंजूरी दी थी. मच्छीमार अधिकार संघर्ष संगठन (मास) की शिकायत पर बंदरगाह की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया. समिति ने पाया कि नियमों को ताक पर रखकर गुजरात सरकार ने अडानी को निर्माण कार्य करने की अनुमति दी, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ. समिति ने उत्तरी पोर्ट में निर्माण कार्य रोकने की सिफारिश की. कांग्रेस सरकार ने अडानी पोर्ट्स एंड सेज (एपीसेज) पर 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया.”

पढ़ें: पर्यावरण नियमों को तोड़ना आसान, मानना महंगा

जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार ने अडानी की कंपनी पर लगे 200 करोड़ के जुर्माने के फैसले को पलट दिया है. साथ ही,उसे मुंद्रा उत्तरी के उस बंदरगाह को बनाने की इजाजत भी दे दी है जिसे पर्यावरण वजहों से रद्द कर दिया गया था.

रमेश ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए सरगुजा जिले के घाटवारा गांव में अडानी को 5000 एकड़ जमीन दिया गया. इस क्षेत्र में कोयले का विशाल भंडार है. रमेश ने कहा कि अडानी जो कहते हैं मंत्रालय वही फैसला लेता है.

आपको बता दें कि 2013 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने सुनीता नारायण कमेटी की रिपोर्ट को मानते हुए अडानी पोर्ट्स एंड सेज पर 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.

First published: 5 July 2016, 6:42 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी