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मुसलमान बेटियों के हक़ों की रक्षा होनी चाहिए या नहीं: मोदी

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 October 2016, 16:41 IST
QUICK PILL
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड के महोबा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया है. 
  • यहां उन्होंने बुंदेलखंड समेत पूरे उत्तर प्रदेश की बदहाली पर बात करने के अलाना भ्रूण हत्या और तीन तलाक़ पर गहराते विवाद को उठाया है. 

उत्तर प्रदेश के महोबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली को संबोधित किया है. 

यहां उन्होंने अपने भाषण के आख़िरी दस मिनट में भ्रूण हत्या और तीन तलाक़ की प्रथा पर बोला है. उन्होंने कहा कि कोई भी समाज माताओं-बहनों के साथ अन्याय करके आगे नहीं बढ़ सकता. 

ज़्यादातर हिंदू समाज में एक ऐसी विकृत धारा बन गई कि बेटा हो तो अच्छा और बेटी है तो बोझ है. उसी विकृति का नतीजा है कि एक तरफ़ एक हज़ार लड़के पैदा होते हैं और सामने आठ सौ या नौ सौ बेटियां पैदा होती हैं. हर एक हज़ार में सौ से डेढ़ सौ बेटियां कम हो रही हैं.  

उन्होंने कहा कि समाज में असतुंलन पैदा हो रहा है. बेटियों को गर्भ में मार दिया जाता है. ये पाप है, गुनाह है. अगर गुनाह करने वाला हिंदू है तो क्या हुआ. मेरी सरकार ने कठोर से कठोर कदम उठाए हैं. धर्म नहीं देखना चाहिए, संप्रदाय नहीं देखना चाहिए. हमारी माताओं बहनों की इज्जत होनी चाहिए.

तीन तलाक़

इसके बाद प्रधानमंत्री ने फिलहाल देशभर में छिड़ी बहस तीन तलाक़ पर बोला. उन्होंने कहा, 'अगर कोई हिंदू मां के गर्भ में बेटी को मार देगा, तो उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा. ठीक वैसे ही मेरी मुसलमान बहन, उसका क्या गुनाह? कोई ऐसे ही टेलीफ़ोन पर तीन तलाक़ बोल दे और उसकी ज़िंदगी तबाह हो जाए? मुसलमान बेटियों के हक़ों की रक्षा होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए? क्या मुसलमान माताओं-बहनों को रक्षा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? 

उन्होंने आगे कहा, 'मैं हैरान हूं कि हिन्दुस्तान की कई सियासी पार्टियां वोट बैंक की भूख में 21वीं सदी में मुस्लिम औरतों के साथ अन्याय करने पर तुली हैं. भाइयों-बहनों चुनाव अपनी जगह होते हैं, राजनीति अपनी जगह होती है लेकिन हिन्दुस्तान की मुसलमान औऱतों को उनका हक़ भारत के संविधान के तहत दिलाना सरकार और समाज की जिम्मेदारी है. 

न्यूज़ चैनलों को चेताया

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर बोलते हुए समाचार चैनलों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने टीवी चैनलों से अपील की कि इस मुद्दे को हिंदू-मुसलमान में ना बाटें. उन्होंने कहा, 'मैं मीडिया से आज सार्वजनिकतौर पर अनुरोध करना चाहता हूं कि तीन तलाक को मेहरबानी करके मुद्दा ना बनाएं. मेहरबानी करके इसे राजग और अन्य दलों का मुद्दा ना बनाएं. मेहरबानी करके इसे हिंद और मुसलमान का मुद्दा ना बनाएं. 

उन्होंने कहा कि बहस होनी चाहिए मुस्लिम समाज के बीच जो कुरआन को जानते हैं. ऐेसे विशेषज्ञ लोग टीवी पर आएं और चर्चा करें. मुसलमानों में जो सुधार चाहते हैं और जो नहीं चाहते हैं, उनके बीत चर्चा हो. ताकि देश के सवा सौ करोड़ नागरिक जान सकें कि सचमुच में मुद्दा क्या है. मीडिया इसे हिंदू-मुसलमान का मुद्दा ना बनाए.

पीएम मोदी ने बाक़ायता चेतावनी देते हुए कहा कि मुस्लिम बहनों को तीन तलाक़ कहकर बर्बाद कहने वालों को आज के युग में मौक़ा नहीं दिया जा सकता. इन माताओं बहनों की रक्षा होनी चाहिए और इसीलिए हम काम कर रहे हैं. 

सपा-बसपा पर निशाना

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख दलों सपा-बसपा पर हमला बोला. उन्होंने जनसभा में आई भीड़ की तरफ़ इशारा करते हए कहा कि ये सपा-बसपा के चक्कर से मुक्ति का आंदोलन है. सपा-बसपा को उत्तर प्रदेश से मिटाने का आंदोलन है. 

अपने भाषण के शुरुआती चरण में उन्होंने उत्तर-प्रदेश की बदहाली पर बोला. उन्होंने कहा, मैं ग़रीब के आंसू पोछना चाहता हूं.  उत्तर प्रदेश का भाग्य बदलेगा तभी आपका भाग्य बदलेगा. उत्तर प्रदेश ने अनेक प्रधानमंत्री दिए हैं. मुझको भी उत्तर प्रदेश ने बनाया है. उत्तर प्रदेश का मुझपपर हक़ है. 

भाइयों-बहनों अभी तक यूपी ने जितने पीएम हुए हैं, उन्होंने यूपी के लिए जितना काम किया है,  मैं अकेला उनसे ज़्यादा करना चाहता हूं. मुझे ऐसी सरकार दो, मैं कुछ करके जाना चाहता हूं. मैं कर्ज चुकाने आया हूं. मैं सामने से आपकी सेवा करने आया हूं.

आख़िर में उन्होंने आई भीड़ का आभार जताते हुए कहा, 'भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय'. 

First published: 24 October 2016, 16:41 IST
 
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