Home » इंडिया » West Bengal CM Mamata Banerjee slammed modi government over its decision to private entity maintain the Red Fort
 

ममता बनर्जी ने लाल किले पर सरकार के फैसले को बताया इतिहास का काला दिन

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2018, 21:49 IST

लाल किले को रखरखाव के लिए डालमिया ग्रुप को पांच साल के लिए दिए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए हमला कर रही हैं.

कांग्रेस के बाद अब तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी बीजेपी की मोदी सरकार पर हमला किया है. ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के इस फैसले को इतिहास का दुखद और काला दिन बताया है.

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. ममता बनर्जी ने सवाल किया है कि मोदी सरकार लाल किले का रखरखाव क्यों नहीं कर सकती है. 

ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट में लिखा, मोदी सरकार लाल किले का रखरखाव क्यों नहीं कर सकती है. लाल किला हमारे देश का प्रतीक है. ये वो जगह जहां से स्वतंत्रता दिवस के दिन झंडा फहराया जाता है. इसको लीज पर क्यों दिया गया है. ये फैसला इतिहास का काला और दुखद दिन है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस ने भी लाल किले को पांच साल के लिए लीज पर दिए जाने के फैसले को लेकर मोदी सरकार पर हमला किया है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि 'वे ऐतिहासिक धरोहर को एक निजी उद्योग समूह को सौंप रहे हैं.

हमको पता है कि भारत के इतिहास को लेकर आपकी कोई परिकल्पना है और प्रतिबद्धता नहीं है. इसके बाद भी हम आपसे पूछ रहे हैं कि भारत के इतिहास को लेकर आपकी क्या परिकल्पना है और प्रतिबद्धता है.

उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या सरकार के पास पैसा नहीं है. अगर ऐसा है तो फिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए निर्धारित राशि क्यों खर्च नहीं हो पाती है.

क्या है एडॉप्ट ए हेरिटेज ?

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने पिछले साल सितंबर महीने में 'एडॉप्ट ए हेरिटेज' स्कीम की शुरुआत की है. इसके तहत देश की ऐतिहासिक इमारतों कोगोद पर देने की शुरुआत की गई, ताकि इन इमारतों का अच्छे रखरखाव किया जा सके.

इस स्कीम के देश की 100 ऐतिहासिक इमारतों को चिन्हित किया गया था. इन इमारतों में ताजमहल, कांगड़ा फोर्ट, कोणार्क का सूर्य मंदिर और सती घाट कई प्रमुख स्थल शामिल हैं. डालमिया ग्रुप ने भी इसी स्कीम के तहत लाल किले को पांच साल के लिए लीज पर लिया है.

डालमिया ग्रुप इन पांच सालों में करीब लाल किले के रखरखाव के लिए हर साल करीब पांच करोड़ रुपए खर्च करेगा. इसमें लाल किले पर सुविधाएं को बढ़ाने और उसके सुंदरीकरण पर काम किया जाएगा

First published: 28 April 2018, 21:31 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी