Home » इंडिया » West bengal: Sonagachi red light prostitute accepted 500 and 1000 INR note
 

पश्चिम बंगाल: सोनागाछी की सेक्स वर्कर दिसंबर तक लेंगी 500 और 1000 रुपये के नोट

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 November 2016, 16:16 IST
(पीटीआई)

मोदी सरकार के द्वारा 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के बाद देशभर में जहां आम जनता के बीच कोहराम मचा हुआ है, वहीं कोलकाता से एक खबर आ रही है कि दक्षिण एशिया के सबसे बड़े रेडलाइट इलाके सोनागाछी में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है.

यौनकर्मियों की बेहतरी के लिए काम करने वाले संगठन दरबार महिला समन्वय कमेटी की मुख्य संरक्षक भारती डे ने शुक्रवार को कहा, "सोनागाछी के इलाके में यौनकर्मियों के कारोबार में इस नोटबंदी का कोई असर नहीं है."

सोनागाछी में यौन कारोबार पर असर न पड़ने का एक कारण यह है कि यौनकर्मी अभी भी अपने ग्राहकों से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट स्वीकार कर रही हैं.

भारती डे ने कहा, "सोनागाछी की सभी यौनकर्मियों ने फैसला किया है कि वो इस महीने के आखिर तक पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट स्वीकार करेंगी."

ये सबसे आशचर्यजनक है कि नोटबंदी से पूरे देश में जहां अन्य कारोबार लगभग बैठ से गये हैं, वहीं इसके उलट सोनागाछी के रेडलाइट के व्यवसाय में इसका कोई विपरीत असर नहीं है.

जबकि वहां का पूरा यौन व्यापार नकदी भुगतान पर चलता है और बड़े नोटों के बंद किए जाने के बाद इस व्यवसाय पर बड़ा असर पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही थी.

बताया जा रहा है कि यौनकर्मियों से संबंधित संगठनों की एक सामूहिक पहल और स्थानीय बैंकों से मिले मदद के आश्वासन के कारण ये व्यवसाय आज पहले की तरह की चल रहा है.

भारती ने कहा, "उषा को-ऑपरेटिव बैंक ने हमें आश्वस्त किया है कि वे इस महीने के अंत तक हमसे प्रतिबंधित नोट ले लेंगे. इलाके के यौनकर्मी 30 नवंबर तक प्रतिबंधित 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट जमा करा सकेंगे."

इसके साथ ही डे ने यह भी माना कि कुछ यौनकर्मियों के सामने इससे संबंधित समस्या आ रही है, क्योंकि उनमें से सभी के पास बैंक खाते नहीं हैं.

उन्होंने कहा, "उषा बैंक में 30,000 यौनकर्मियों के खाते हैं. जिनके पास खाते नहीं हैं, उनके लिए थोड़ी चिंता की बात है, लेकिन हम और बैंक मिलकर उनके लिए भी कोई न कोई रास्ता अवश्य निकालेंगे."

First published: 12 November 2016, 16:16 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी