Home » इंडिया » What did Justice Lokur say when former CJI Gogoi was sent to Rajya Sabha with him?
 

पूर्व CJI गोगोई को राज्यसभा भेजे जाने पर हंगामा, साथी जज रहे जस्टिस लोकुर ने भी दी प्रतिक्रिया

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 March 2020, 9:04 IST

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है. रंजन गोगोई को राज्यसभा भेजे जाने पर कई लोगों ने सवाल उठाये हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मदन बी लोकुर का कहना है कि “कुछ समय से अटकलें लगाई जा रही हैं कि न्यायमूर्ति गोगोई को क्या सम्मान मिलेगा. इसलिए नामांकन से आश्चर्यजनक नहीं है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि यह इतनी जल्दी हो गया.

जस्टिस लोकुर ने कहा यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और अखंडता को फिर से परिभाषित करता है. उन्होंने सवाल किया क्या आखिरी गढ़ गिर गया है? जनवरी 2018 में सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जजों जस्टिस गोगोई, जस्टिस लोकुर, जे चेलमेश्वर और कुरियन जोसेफ ने एक अभूतपूर्व कदम में सीजेआई दीपक मिश्रा पर सवाल उठाये थे.

 

पूर्व जस्टिस गोगोई के चयन पर कई नेताओं ने भी सवाल उठाये हैं. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा 'क्या यह इनाम है'? लोग न्यायाधीशों की स्वतंत्रता पर यकीन कैसे करेंगे? कई सवाल हैं.' कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक ट्वीट में कहा ''तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा. (सुभाष चंद्र बोस )  तुम मेरे हक़ में वैचारिक फैसला दो मैं तुम्हें राज्यसभा सीट दूंगा (भाजपा)''.  सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी ने कहा रंजन गोगोई ने पिछले साल खुद कहा था कि यह माना जाता है कि सेवानिवृत्ति के बाद की नियुक्तियां न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर एक धब्बा है. 

 

एनडीए सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने कहा ''मुझे आशा है कि रंजन गोगोई की समझ अच्छी है इसलिए वो इस ऑफर को ना कह देंगे. नहीं तो न्याय व्यवस्था को गहरा धक्का लगेगा.'' रंजन गोगोई 17 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद से सेवा निवृत्त हुए थे. गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी. सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति गोगोई के कार्यकाल को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाने के लिए याद किया जाता है.

राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले पूर्व CJI रंजन गोगोई को राष्ट्रपति ने राज्यसभा भेजा

First published: 17 March 2020, 9:04 IST
 
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