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RPF को क्यों खाली कराना पड़ा था संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का डिब्बा, ये थी वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 May 2018, 21:24 IST

नई दिल्ली से पटना की तरफ जाने वाली संपूर्ण क्रांति एक्‍सप्रेस के जनरल डिब्बे से जबरन यात्रियों को बाहर निकालने की घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े दिए हैं. लोग जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी कि रेलवे को ये कदम उठाना पड़ा.

दरअसल ट्रेन के डिब्बे में य़ात्रियों की संख्या अत्यधिक होने से वेट प्रेशर बढ़ जाता है. जिससे ट्रेन के साथ हादसा होने की संभावना बढ़ जाती है. पिछले कुछ सालों में हुए रेल हादसों से सबक लेते हुए प्रशासन ऐसा कोई भी जोखिम मोल नहीं लेना चाहता है, जिससे कुछ यात्रियों की वजह से हजारों मुसाफिरों की जिंदगी को खतरे में डाला जाए.

इसी को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन दर स्टेशन ट्रेन की चेकिंग कराना शुरू कर दिया है. ताकि किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके. रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इस तरह के एहतियाती कदम उठाता रहता है.

जी न्यूज की खबर के मुताबिक, वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया है कि रेलवे के एक कोच में यात्रियों की क्षमता 90 से 100 के करीब होती है. लेकिन ट्रेन के कोच में इससे अधिक यात्री घुस जाते हैं. जिससे कोच में वेट प्रेशर बढ़ जाता है. वेट प्रेशर बढ़ने की वजह से कोच के पहियों के साथ लगे स्प्रिंग की स्थिति, ब्रेक प्रेशर पर दबाव बढ़ जाता है. जिससे हादसे की संभावना बढ़ जाती है.

इसी को देखते हुए स्टेशन दर स्टेशन ट्रेन के कोच के पहियों के साथ लगे स्प्रिंग की स्थिति, ब्रेक प्रेशर को चेक किया जाता है. ऐसी स्थिति होने पर किसी तरह का जोखिम ना उठाते हुए य़ात्रियों को कोच से बाहर निकालना ही सही समझा जाता है.
रेलवे के अधिकारी ने कहा कि कोच में वेट प्रेशर बढ़ने से कोच के पहियों के साथ लगे स्प्रिंग टूटने का खतरा बढ़ जाता है. इस स्थिति में पूरी ट्रेन डिरेल हो सकती है.

उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि बोगी में 200 से ज्यादा लोग बैठ जाते हैं. जिसको देखते हुए रेलवे को एहतियाती कदम उठाने पड़ते हैं. क्योंकि 100 लोगों की असुविधा के लिए हजारों लोगों की जिंदगी को खतरे में नहीं डाला जा सकता है.

First published: 4 May 2018, 21:11 IST
 
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