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कभी सेल्स गर्ल हुआ करती थीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, इस एक मुलाकात ने बदल दी किस्मत

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 March 2019, 11:11 IST
Nirmala Sitharaman

कहते है कि अगर आप कुछ ठान ले तो वो होने से कोी नहीं रोक सकता फिर वो चाहे कोई फैसला हो या आपको किसी सफलता के कदम चूमने हो. हमारे देश में ऐसे एक नहीं कई मिसाल है जिन्होंने अपने दम पर अपने फैसलों पर अपनी जिंदगी को जिया और अपने सपनों को पूरा किया है. आज हम आपको एक ऐसी शख्सियत के बारे में बताने जा रहे है जो इस वक्त देश की रक्षा मंत्री है और आए दिन उनपर लोग तंज कसते रहते है कि वो कैसे फैसले लेती है और कैसे काम करती है.

जबकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां तक आने के लिए कई मुश्किलों का सामना किया है और उनकी मेहनत इस बात का सबूत है कि अगर आप मेहनत करते हैं तो एक दिन सफलता आपके कदमों पर होगी. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण जो आज देश की रक्षा से जुड़े फैसले लेती हैं वो पहले एक सेल्स गर्ल थीं और इसके बाद उन्होंने किस तरह से इस पद को हासिल किया यहां जानिए-


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बता दें कि निर्मला सीतारमण जो कि आज देश की रक्षा को लेकर अहम फैसले लेती है वो कभी सेल्स गर्ल हुआ करती थीं. इतना ही नहीं निर्मला ने अपने जीवन में कई उतार चढ़ाव देखें हैं और उनका आधा जीवन चेन्नई में बीता. निर्मला के पिता भारतीय रेलवे में नौकरी करते थे लेकिन नौकरी में अक्सर ट्रांसफर होता था जिसकी वजह से वो त्रिची में अपने रिश्तेदारों के साथ रहती थीं और यहीं से उन्होंने ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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निर्मला सीतारमण के परिवार में शिक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती थी. सीतारमण ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र में एमए भी किया है और यहीं से उनमें राजनीति की समझ पैदा हुई. आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन सीतारमण के पति प्रभाकर परकला के पिता एक प्रसिद्ध कांग्रेसी राजनीतिज्ञ थे. लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पीएचडी के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करने के बाद प्रभाकर लंदन चले गए.

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इसके बाद निर्मला ने लंदन की रीजेंट स्ट्रीट में घर की सजावट की दुकान में सेल्सगर्ल की नौकरी की और यहां पर अच्छा काम करने पर उन्हें एक शैंपेन की बोतल दी जाती थी. इसके बाद साल 1991 में निर्मला अपने पति प्रभाकर के साथ भारत लौट आई और यहां पर उन्होंने हैदराबाद में एक स्कूल की स्थापना की और यहीं पर निर्मला की मुलाकात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से हुई थी और इसके बाद से ही निर्मला की जिंदगी बदल गई. निर्मला सीतारमण को साल 2003 से लेकर 2005 के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग में नियुक्त किया गया. यहां पर निर्मला ने अपनी तीन साल की सफल सफर के बाद वह साल 2006 में बीजेपी में शामिल हो गई.

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जब भाजपा ने पार्टी के माध्यम से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण संरचना को अपनाया तो उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया और फिर साल 2010 में उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया और हैदराबाद से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया. निर्मला ने अपने मजबूत करियर में वाणिज्य मंत्री भी बन चुकी हैं और इसके बाद उन्होंने अपने करियर में एक अच्छा स्थान हासिल किया. निर्मला सीतारमन एनडीए सरकार में 6 महिला कैबिनेट मंत्रियों में से एक है और रक्षा इतिहास में इंदिरा गांधी के बाद केवल दूसरी महिला राजनेता हैं जो रक्षा मंत्री के पद पर हैं.

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First published: 3 March 2019, 11:11 IST
 
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