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लौह पुरुष पटेल की प्रतिमा के अनावरण पर कहां थे बीजेपी के 'लौह पुरुष' आडवाणी ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 November 2018, 11:24 IST

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैूच ऑफ यूनिटी' का बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनावरण किया. इस मौके पर कई बीजेपी नेता मौजूद थे लेकिन बीजेपी के 'लौह पुरुष' कहे जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी इस दौरान नदारद रहे. आडवाणी के शामिल न होने को लेकर कई चर्चाएं होने लगी हैं. आडवाणी को सरदार पटेल का अबसे बड़ा समर्थक माना जाता है. आडवाणी की अनुपस्थित पर उनके कई समर्थकों ने सवाल उठाये हैं.

हालांकि कई लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सही नहीं होने के कारण आडवाणी इसमें शामिल नहीं हो सके लेकिन चार्चायें यह भी हैं कि आडवाणी खुद अपनी ही मर्जी से इस समारोह ने शामिल नहीं हुए. गुजरात कांग्रेस के कई नेताओं का कहना है कि उन्हें भी इस समारोह के लिए आमंत्रण मिला ही नहीं था. उनका कहना था कि उन्हें प्रोटोकॉल के अनुरूप आमंत्रित ही नहीं किया गया.

 

सरदार पटेल के बड़े भाई सोमनाथ पटेल के पोते धीरूभाई पटेल का कहना है कि अगर सरदार पटेल आज ज़िंदा होते तो वह इस प्रतिमा के लिए इंकार कर देते. उन्होंने कहा कि वह पैसों की अहमियत समझते थे.

Statue of Unity की अनुमानित कीमत 3000 करोड़ रुपये रुपये बताई जा रही है. स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी की कीमत की तुलना की जाये तो इतनी कीमत में दो नए आईआईटी परिसर, पांच भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) परिसर और छह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) परिसर स्थापित किये जा सकते हैं. प्रतिमा की निर्माण लागत राशि गुजरात सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को बताई गई अनुमानित राशि की दोगुना है.

यही नहीं इस निर्माण लागत का इस्तेमाल भूमि, कवर की मरम्मत, नवीकरण और 162 लघु सिंचाई योजनाओं की बहाली और 425 छोटे चेक डैम के निर्माण से 40,192 हेक्टेयर की सिंचाई के लिए किया जा सकता था. सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में लोकप्रिय रियासतों के विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

First published: 1 November 2018, 11:18 IST
 
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