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'कौन हैं नक़वी ये कहने वाले कि पहलू खान की हत्या नहीं हुई'

आकाश बिष्ट | Updated on: 8 April 2017, 9:44 IST

राजस्थान के अलवर में पहलू खान नाम के शख्‍स को गौ तस्करी के आरोप में पीट-पीटकर मार डालने की गूंज संसद में भी रही. पहलू खान का परिवार अपने घर के सबसे बड़े सदस्य की मौत पर मातम मना रहा है तो दूसरी ओर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपनी मायूसी जताते हुए गुरुवार को संसद में कहा कि इस तरह की कोई घटना ही नहीं हुई है जिस तरह से मीडिया इसे सामने ला रहा है.


नकवी ने कहा कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है. यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि हम गौ वध का समर्थन कर रहे हैं! घटना को जिस तरह पेश किया जा रहा है, ऐसा कुछ जमीन पर तो नहीं हुआ है. राज्य सरकार ने इस तरह की खबर को खारिज किया
है. इस सदन से यह संदेश मत जाने दीजिए कि वह गौ वध का समर्थन करती है.


उनका यह बयान कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री के उस आरोप के बाद आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि राजस्थान में कानून और व्यवस्था की स्थिति धराशायी हो गई है. मिस्त्री के बयान के तुरन्त बाद ही विपक्ष के नेताओं ने मंत्रीजी के बयान को घेरे में ले लिया. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं माफी चाहूंगा लेकिन भाजपा के मंत्री पूरी तरह से गलतबयानी
कर रहे हैं. जिस मामले को वह धरती पर नहीं हुआ बता रहे हैं, उसे ही अमरीकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अखबार ने जगह दी है. क्या मंत्री जी इसे भी झुठला सकेंगे?


पिछले शनिवार को यानी 01 मार्च को पहलू और चार अन्य लोग जयपुर में लगे पशु मेले में भाग लेकर लौट रहे थे कि गौरक्षकों ने उनकी बुरी तरह पिटाई की. गौरक्षकों ने इन लोगों को गौ तस्कर बताते हुए पीटा था. पहलू मेले से ज्यादा दूध देने वाली गाय खरीदकर ले जा रहा था. पिटाई के कारण पहलू खान की अलवर के अस्पताल में मौत हो गई जबकि अन्य लोग चोटों के चलते पीडि़त अवस्था में घर पर पड़े हुए हैं.

 

आहत परिवार

 

नकवी का बयान जयसिंहपुर गांव में रह रहे पहलू के परिवार को नागवार गुजरा है और उन्हें चोट पहुंची है. पहले तो उन्हें यह भरोसा ही नहीं हुआ कि मंत्री जी ने वाकई में यह सब कहा है. पहलू के भतीजे आरिफ खान, उनकी भी गौ रक्षकों ने पिटाई की है, सवाल करते हैं कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर पहलू की मौत किस कारण से हो गई. उन वीडियो के बारे में क्या कहेंगे जिनमें गुंडे हमें और पहलू को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं? क्या पुलिस भी झूठ बोल रही है?

 

अगर यह झूठ है तो फिर पुलिस ने एफआईआर क्यों दर्ज की? उसने लोगों को गिरफ्तार क्यों किया? मुझे और मेरे भाईयों को किसने घायल किया? आरिफ कहते हैं कि पुलिस के अनुसार यह घटना कभी नहीं घटी और पुलिस यह साबित करती है कि पहलू की मौत प्राकृतिक है. यह नकवी कौन हैं जो इस तरह की बातें करते हैं.

 

सरकार की बेपरवाही


आरिफ कहते हैं कि इस तरह के बयान से सरकार की निर्दोष मुस्लिमों के प्रति बेपहरवाही और उदासीनता ही झलकती है जो बिना गलती के ही मौत के मुंह में ढेकेले जा रहे हैं. वह कहते हैं कि भारत में रह रहे कई मुसलमान ऐसे हैं जिनकी अपने ही समुदाय के लोगों से कोई सहानुभूति नहीं है. नकवी उनमें से एक हैं. भाजपा ने उनसे कहा होगा कि यदि उन्हें सत्ता में रहना है और अपनी कुर्सी बचानी है तो ऐसा ही कहना होगा.


आरिफ के अनुसार यदि सरकार पहलू के परिवार या इस घटना में घायल हुए लोगों को कई सहायता प्रदान नहीं कर सकती तो सरकार को इस तरह की असंवेदनशील टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कम से कम सरकार यह तो कर ही सकती थी कि वह घटना की निन्दा करती और लोगों से अपील करती कि कोई भी कानून को अपने हाथ में न ले. मगर अब सरकार घटना के होने से ही इनकार कर रही है. यह तो उससे भी बदतर है जो गौरक्षकों ने किया.

 

यह थी घटना


पहलू और अन्य लोगों पर गौरक्षकों ने उस समय हमला कर दिया था जब वे मेले से दुधारु पशु लेकर लौट रहे थे. उनके पास दस्तावेजी प्रमाण भी थे कि उन्होंने खरीददारी मेले से की है. जब उन्होंने गौरक्षकों ने अपने दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने हमला कर दिया. वास्तव में, पहलू का परिवार डेयरी चलाता है. उन्होंने दुधारू गाय खरीदी थीं क्योंकि भैंस खरीदना उनकी हैसियत के बाहर की बात थी. उन्होंने रमजान महीने के लिए गायें खरीदी थी ताकि जब रोजा रहा जाए तो उन्हें दूध आसानी से मिल सके.


नकवी की टिप्पणी के बावजूद, व्हाट्सएप पर ऐसे ढेर सारे वीडियो सरकुलेट किए गए हैं जिनमें गौरक्षक पहलू समेत अन्य लोगों पर हमला करते स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं. इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस इस हमले के जिम्मेदार संदिग्धों को गिरफ्तार करने में समर्थ थी. पुलिस ने अब तक 6 लोगों के खिलाफ हत्या और 200 अन्य लोगों के खिलाफ दूसरी धाराओं में मामला दर्ज किया है. मगर छह मुख्य संदिग्ध हुकुम चन्द, जगमाल, ओम प्रकाश, सुधीर, राहुल सैनी और नवीन सैनी को गिरफ्तार भी नहीं किया गया है.

 

कांग्रेस का सरकार पर हमला


इस घटना को लेकर संसद में भी काफी शोरगुल हुआ. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जमकर निशाना साधा और उन्हें आड़े हाथों लिया है. ट्वीट्स की श्रंखला में गांधी परिवार के वंशज राहुल ने कहा है कि सरकार को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

First published: 8 April 2017, 9:44 IST
 
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