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अदालत ने सलमान को बरी कर दिया, इस मामले के पहले जांच अधिकारी इसे कैसे देखते हैं

आकाश बिष्ट | Updated on: 27 July 2016, 9:01 IST
QUICK PILL
  • राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोमवार को अभिनेता सलमान खान को चिंकारा के शिकार मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया. इससे पहले कोर्ट ने सलमान को मामले में दोषी पाते हुए दोनों मामले में क्रमश: एक साल और पांच साल की सजा सुनाई थी.
  • सलमान और उनकी टीम फैसले से खुश दिखे लेकिन यह राजस्थान वन विभाग के पूर्व जिला वन अधिकारी ललित बोरा के लिए बड़ा झटका है. बोरा इन मामलों में जांच अधिकारी रहे हैं.
  • बोरा ने शिकार मामले में दिन रात एक कर सबूत जुटाए. बोरा को उम्मीद है कि काल हिरण मामले में भी यहीं होगा. उन्होंने कहा कि सलमान खान और उनके सहयोगी सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे के साथ नीलम के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे. 

राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोमवार को अभिनेता सलमान को चिंकारा के शिकार मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया. इससे पहले कोर्ट ने सलमान को मामले में दोषी पाते हुए दोनों मामले में क्रमश: एक साल और पांच साल की सजा सुनाई थी. हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में खान को बरी किया. कोई ने कहा कि ऐसे सबूत मौजूद नहीं है जिसकी मदद से यह साबित किया जा सके कि खान का संबंध शिकार के दोनों मामले से है.

पहला शिकार जोधपुर के निकट भवड़ में 26 सितंबर 1998 को किया गया जबकि दूसरा शिकार दो दिनों बाद घोड़ा में किया गया.

हाईकोर्ट के फैसले से सलमान खान को राहत मिली है जो अभी फिलहाल 1998 में काला हिरण के शिकार मामले में सुनवाई का सामना कर रहे हैं. सलमान उन दिनों सूरज बड़जात्या के फिल्म हम साथ-साथ है की शूटिंग कर रहे थे. सलमान और उनकी टीम फैसले से खुश दिखे लेकिन यह राजस्थाान वन विभाग के पूर्व जिला वन अधिकारी ललित बोरा के लिए बड़ा झटका है. बोरा इन मामलों में जांच अधिकारी भी रहे हैं.

बोरा ने शिकार मामले में दिन रात एक कर सबूत जुटाए. बोरा को उम्मीद है कि काल हिरण मामले में भी यहीं होगा. उन्होंने कहा कि सलमान खान और उनके सहयोगी सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे के साथ नीलम के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे. 

वास्तव में बोरा ने सबसे पहली बार सलमान खान को फिल्म के सेट से हिरासत में लिया था. बोरा को स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने 1 अक्टूबर 1998 की रात सलमान खान को काला हिरण को मारते देखा था.

बोरा की मेहनत

बोरा ने 2002 में फॉरेस्ट सर्विस छोड़ दिया था. कैच से बातचीत में उन्होंने पूरा घटनाक्रम बताया जिसके बाद सलमान खान की गिरफ्तारी हुई. खान को बिश्नोई समुदाय के लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है जो काला हिरण प्रजाति के पारंपरिक संरक्षक माने जाते हैं.

बोरा के मुताबिक 2 अक्टूबर 1998 को गुढ़ा बिश्नोई के लोग फॉरेस्ट सर्विस के ऑफिस में आए. उन्होंने कहा कि दो काले हिरण को मारा गया है. पटाखों की आवाज सुनकर गांव वालों की नींद खुली और उन्होंने देखा कि संदिग्ध जिप्सी गांव के चक्कर लगा रही है.

शोर सुनकर पूनाराम बिश्नोई अपने घर से निकले अैर चौगाराम बिश्नोई को जगाया और फिर सभी जिप्सी की तरफ गए. उन्होंने देखा कि उसमें दो मृत काले हिरण पड़े हुए थे. गाड़ी का नंबर आरजे 19 सी 2201 था. 

बोरा ने कहा कि गांव वालों ने जिप्सी को रोकने की कोशिश की लेकिन सलमान ने उनकी तरफ बंदूक तान दी और फिर वहां से भाग खड़े हुए. गांव वालों ने मोटरसाइकिल से जिप्सी का पीछा किया लेकिन वह उन्हें पकड़ नहीं पाए. 

गांव वालों ने सलमान और अन्य लोगों को पहचान लिया. कुछ गांव वाले घटनास्थल पर रुके रहे जबकि बाकी के जिला वन कार्यालय में पहुंचे और अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी. गांव वालों की शिकायत के आधार पर उन्हें शिकायत दर्ज करनी पड़ी.

7 अक्टूबर को यह मामला बोरा को सौंपा गया और फिर उन्होंने कार्रवाई शुरू करते हुए रोड ट्रांसपोर्ट ऑफिस का रुख किया. जांच में यह बात सामने आई कि संबंधित वाहन अरुण यादव का था जिसे उन्होंने सलमान खान को किराए पर दे रखा था. सलमान खान खुली जीप चाहते थे इसलिए उन्होंने जिप्सी भाड़े पर लिया. यादव ने कहा कि जिप्सी को हरीश दुलानी चला रहे थे जो इस मामले का एक और अहम गवाह था. दुलानी ने सलमान को पीछे की सीट पर बैठने के लिए कहा.

जांच खत्म होने के बाद दुलानी गायब हो गया, जिससे मामला कमजोर हो गया. सलमान खान की टीम ने इस मामले को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया. चिंकारा मामले में सलमान की टीम ने कहा कि वह दुलानी से पूछताछ नहीं कर पा रहे है इसलिए उनके बयान को तवज्जो नहीं दी जा सकती.

वकीलों का दावा है कि पूरी जांच स्थितिजन्य सबूतों के आधार पर खड़ा किया गया. उनका कहना है कि सलमान खान के खिलाफ कोई भी गवाह नहीं है और फिर कोेर्ट ने सलमान खान को रिहा कर दिया. हाईकोर्ट ने भी पाया कि जो पेलेट्स पाए गए थे वह सलमान खान की गाड़ी से नहीं मिलते हैं. बोरा पूछते हैं, 'वह जब फिल्म की शूटिंग कर रहे थे तो फिर उनके पास पेलेट्स और बंदूक की क्या जरूरत थी?'

कैसे जुड़े हैं तीनों मामले?

वास्तव में काला हिरण मामले की जांच करने के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को पता चला कि सलमान खान का संबंध चिंकारा के शिकार से भी जुड़ता है. दुलानी ने बताया कि किस तरह से सलमान खान ने चिंकारा को मारा और फिर उसे होटल में पकाकर खा गए.

पूछताछ में दुलानी ने बताया कि सलमान और सैफ आगे की सीट पर बैठे थे जबकि तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे पीछे की सीट पर बैठे थे. वहीं सलमान का स्पॉट ब्वॉय सबसे पीछे बैठा हुआ था.

बोरा बतातेे हैं, 'दुलानी ने कहा कि सलमान ने जानवरों को देखने के बाद कार रोकने के लिए कहा और  फिर उन्होंने बंदूक निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जब सलमान निशाना चूक जाते तो सैफ उन्हें भड़काते हुए निशाने पर ध्यान लगाने को कहते.'

दुलानी के बयान के आधार पर बोरा खान को गिरफ्तार करने गए. तब सलमान खान फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. जब उन्हें इस बारे में बताया गया तो उन्होंने ककहा कि वह निर्दोष हैं और फिर अभिनेत्रियों ने रोना शुरू कर दिया.

उम्मीद के मुुताबिक खान ने अपनी भूमिका से साफ इनकार कर दिया. हालांकि उन्हें हिरासत में रखते हुए उनका बयान लिया गया. उन्हें दुलानी के बयान के बारे में भी बताया गया.

बोरा ने इन बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई थी और जब 6 अगस्त को काला हिरण मामले की सुनवाई सामने आई तब कोर्ट ने इन टेप की मांग की थी. इस टेप का छोटा हिस्सा यूट्यूब पर अपलोड किया गया है.

बोरा ने फिर सलमान खान के बंदूक के लाइसेंस को चेक किया. उन्होंने पाया कि उनके पास .22 और .32 बोर की राइफल और रिवॉल्वर थी, जिसका लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था.

बोरा ने बताया, 'बाद में उन्हें अस्थायी मंजूरी दी गई और तब यह दो मामले पुलिस के अधीन थे. मुझे नहीं पता कि बाद में मामला कैसे आगे बढ़ा. बाद में जब मैंने बयान दिया तो उन्हें दोनों मामले में दोषी करार दिया गया.'

हथियारों का क्या हुआ?

हथियार को जब्त करने के मकसद से वन विभाग ने सलमान खान के होटल के कमरे में छापा मारा. लेकिन उन्हें कुछ हाथ नहीं लगा. उनके वकील ने यह दावा किया कि खान के पास कभी हथियार था ही नहीं. हालांकि बोरा इससे संतुष्ट नहीं हुए और बाद में उन्हें पता लगा कि सलमान के स्पॉट ब्वॉय की मदद से वह हथियार मुंबई भेजा जा चुका है. इसकी पुष्टि इंडियन एयरलाइंस से की जा चुकी है.

बोरा ने गावड़े की तलाश में मुंबई का दौरा किया लेकिन वह गायब हो चुका था. उनकी मुलाकात सलमान के पिता सलीम खान से हुई और वह गावड़े का पता नहीं बता पाए. बोरा ने होटल के कर्मचारियों से सभी आने और जाने वालों की जानकारी मांगी और इसमें गावड़ेे का नाम शामिल था. बोरा ने कहा, 'होटल के कर्मचारी ने बताया कि वह होटल छोड़कर जा चुका था.'

जब स्थानीय अदालत ने नोेटिस जारी किया तब हथियार को मुंबई से भेजा गया और फिर यह 18 सितंबर 1998 को जांच दल के हाथ लगा. उन्होंने कहा, 'अदालत ने हमें सलमान खान की चार दिन की हिरासत दी. हथियार हमें उनकी हिरासत के दूसरे दिन हाथ लगा.'

चिंकारा मामले में अदालत ने यह मानने से इनकार कर दिया कि चिंकारा को मारा गया और जेबी चाकू से उसकी खाल उतारी गई. जिसके बाद खान को रिहा कर दिया गया. बोरा ने कहा कि चाकू को सलमान खान के भाई सोहैल खान को सौंप दिया गया.

पूछताछ में सलमान ने बोरा को एक दिलचस्प बात बताई, 'अगर मैं गिरफ्तार हो गया तो मेरी सोमी अली से शादी कैसे होगी?'

सैफ को खतरा

बोरा के मुताबिक सैफ एक तेज लेकिन समस्या पैदा करने वाले इंसान है. वह पूछताछ के दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि दुलानी ने उनसे कहा था कि चिंकारा को मारे जाने के बाद हलाल की रस्म पूरी की गई और जब चाकू के बारे में पूछा गया तो सैफ ने पूछा, 'हलाल का मतलब क्या होता है?'

जब बोरा के जूनियर अधिकारी ने उन्हें इस बारे में बताया तो सैफ गुस्से में आ गए और हम पर सामान फेंकने लगे. उनका कहना था कि हम उनसे सांप्रदायिक भाषा में बात कर रहे हैं.

मैंने उनसे कहा कि मैं आपसे वहीं बात दुहरा रहा हूं जो दुलानी ने हमें बताया था. इसके बाद सैफ ने हमें धमकी दी कि वह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक जाएंगे. उन्होंने कहा, 'तुम वीरप्पन को जानते हो?' मैंने कहा, 'हां, मैं जानता हूं.' फिर उन्होंने कहा, 'अगर तुम वन अधिकारी हो तो मैं वीरप्पन हूं. सलमान ने भी इसे दुहराया.'

लीपा-पोती की कोशिश

जानवरों के पहले पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट के बाद यह बात साफ हो गई कि सबूतों में छेड़छाड़ कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है.

2 अक्टूबर 1998 को डॉक्टरों ने बताया कि जानवरों की मौत ''अधिक खाने और कूदने ''से हुई थी. बोरा ने बताया, 'यह अजीब था. कोई हिरण अधिक खाने और कूदने से नहीं मरता है. इसलिए हमने बोर्ड से फिर से पोस्टमॉर्टम करने के लिए कहा और इसमें यह बात सामने आई कि उनकी मौत गोली लगने से हुई.'

डॉक्टर के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिससे रिपोेर्ट के साथ छेड़छाड़ की. बोरा को इसकी कीमत चुकानी पड़ी और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन पर सलमान खान को नाहक परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक वक्त ऐसा लग रहा था कि मेरी ही पूछताछ की जा रही है.

First published: 27 July 2016, 9:01 IST
 
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