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जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई की ये है पूरी कहानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 February 2019, 15:29 IST

भारत ने मंगलवार को कहा कि उसने सुबह के शुरुआती घंटों में पाकिस्तान स्थित उग्रवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाकर बड़ी कार्रवाई की है. विदेश सचिव विजय गोखले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "यहां आतंकवादियों, प्रशिक्षकों, कमांडरों और जिहादियों के समूह को फिदायीन कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था''. यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में एक आतंकी हमले के 12 दिन बाद हुई है. गोखले ने कहा कि जिन शिविरों पर हमला किया गया, वह जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के बहनोई मौलाना यूसुफ अजहर द्वारा चलाये जा रहे थे.

1,000 किलो के बम गिराए गए: रिपोर्ट

अधिकारियों ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय वायु सेना द्वारा सुबह 3.30 से 4 बजे के बीच ये हमले किए गए. अज्ञात अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि भारतीय वायु सेना के एक दर्जन मिराज 2000 विमानों ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया था और उन पर 1,000 किलोग्राम के बम गिराए. यह 1971 के बाद से पहली बार है जब नियंत्रण रेखा के पार जाकर भारतीय वायुसेना ने हमला किया है किया है. खैबर पख्तूनख्वा के मानसेरा जिले में कुछ ग्रामीणों ने बीबीसी उर्दू को बताया कि उन्होंने सुबह तीन बजे से चार बजे के बीच चार से पांच बड़े धमाके सुने थे. अज्ञात अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि ये हमले खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में हुए.

सैन्य अधिकारियों ने न्यूज़ वेबसाइट ThePrint को बताया कि वायु सेना के लड़ाकू जेट ने 21 मिनट के भीतर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में तीन स्थानों पर बमबारी की, जो 3.45 बजे शुरू हुए. उन्होंने कहा कि बालाकोट में सुबह 3.45 से 3.53 बजे के बीच, मुजफ्फराबाद में 3.48 बजे और 3.55 बजे के बीच बमबारी की गई और फिर चकोट्टी में 3.58 बजे से 4.04 बजे के बीच एक बमबारी हुई. अधिकारियों ने कहा कि बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के संयुक्त प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया गया था.

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

इससे पहले पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि भारतीय विमानों ने मुजफ्फराबाद सेक्टर में तीन से चार मील की दूरी पर घुसपैठ की. यह क्षेत्र पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का हिस्सा है. गफूर ने यह भी दावा किया कि कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ है. विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहते हुए भारत को बेनकाब करने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल करेगा.' उन्होंने कहा कि उनके देश को उचित प्रतिक्रिया देने और आत्मरक्षा का अधिकार है. उन्होंने पकिस्तान के समा न्यूज़ को बताया कि भारत को पाकिस्तान को चुनौती नहीं देनी चाहिए, और इस्लामाबाद किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

भारत में प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के दावों के बाद दोनों देशों में उच्च-स्तरीय बैठकें हुईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति की बैठक उनके निवास पर हुई और बैठक के बाद सुबह 11.30 बजे विदेश सचिव गोखले की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 'यह हमला वायु सेना द्वारा एक आवश्यक कदम था. उन्होंने कहा, "सशस्त्र बलों ने बहुत बहादुरी दिखाई, उन्हें बधाई." उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी जीएस शेखावत ने कहा कि वायु सेना की कार्रवाई केवल एक शुरुआत है. नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी पार्टी के सहयोगियों को प्रशासन को हर संभव मदद और सहायता देने के लिए कहा है.

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उन्होंने कहा “अब हमारा यह दायित्व है कि हम यह सुनिश्चित करें कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले हमारे लोग किसी भी पाकिस्तानी प्रतिक्रिया में न फंसे. यदि स्थिति में तेजी आती है तो स्थानीय प्रशासन को लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में निकालने और फिर से तैयार करने की आवश्यकता है.

First published: 26 February 2019, 15:25 IST
 
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