Home » इंडिया » Why acute encephalitis patients are flocking to only one hospital in Muzaffarpur
 

बिहार में चमकी बुखार के मरीज केवल SKMCH अस्पताल ही क्यों जा रहे हैं ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2019, 9:10 IST

बिहार के मुजफ्फरपुर में इंसेफेलाइटिस के ज्यादातर मरीज श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (SKMCH) में आते हैं. हालांकि जिले के 27 अन्य अस्पताल आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मुफ्त भर्ती की सुविधा प्रदान कर रहे है. गुरुवार तक मुजफ्फरपुर में 132 सहित राज्य में कुल 185 इंसेफेलाइटिस से मौतें हुई हैं. इनमें वैशाली में 20, मोतिहारी में 12, बेगूसराय में आठ, समस्तीपुर में नौ, और अराह, शेहर, पूर्णिया और सीवान में एक-एक शामिल हैं.

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत मुज़फ़्फ़रपुर में 28 चिकित्सा सुविधाओं में से 18 राज्य-संचालित हैं और शेष 10 निजी हैं. 18 सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में से पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हैं, जबकि एक स्पेशियलिटी अस्पताल है और दो मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल हैं. इनमे एसकेएमसीएच और एक रेफरल अस्पताल भी शामिल हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट की माने तो ज्यादातर लोग इस बीमारी का इलाज करवाने SKMCH में आते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि बिहार राज्य के स्वास्थ्य विभाग के शैलेश कौशिक ने कहा कि कई मरीजों में यह धारणा है कि केवल एसकेएमसीएच ही मुफ्त इलाज मुहैया कराता है. उन्होंने कहा “हमने मुजफ्फरपुर में लोगों को एक लाख से अधिक आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए हैं. हम योजना के बारे में जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि मरीज निजी अस्पतालों में भी जा सकें''.

उन्होंने कहा ''सभी सीएचसी, पीएचसी, निजी अस्पतालों और रेफरल अस्पताल में उपचार पूरी तरह से मुफ्त है. वे सभी मरीजों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, बशर्ते वे इलाज के लिए वहां जाएं” आयुष्मान भारत योजना गरीब और कमजोर परिवारों के लिए प्रति वर्ष 5 लाख प्रति परिवार तक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है. हालांकि इस साल 18 जून तक इस योजना के तहत इलाज के लिए बिहार में केवल 39,943 क्लेम किए गए और लगभग 34 .6 करोड़ वितरित किये गए.

हाल ही में एनएचए ने एईएस पीड़ितों तक पीएमजेएवाई योजना पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य एजेंसी (बिहार) को लिखा था. आयुष्मान भारत अपने चिकित्सा पैकेज में एईएस और वायरल इन्सेफेलाइटिस के लिए उपचार को कवर करता है. आयुष्मान भारत योजना सितंबर 2018 में शुरू की गई थी, जिसे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया गया है. बिहार सरकार द्वारा एईएस के साथ भर्ती कराए गए बच्चों के परिवारों की सोशल ऑडिट ने हाल ही में खुलासा किया कि उनमें से लगभग तीन चौथाई गरीबी रेखा से नीचे हैं.

अखिलेश की 'विरोधी' अपर्णा यादव अब आईं समर्थन में, बोलीं- सम्मान पचा नहीं पाईं मायावती

First published: 28 June 2019, 9:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी