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'अंकित सक्सेना की मौत पर चुप क्यों हैं केजरीवाल'

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2018, 10:49 IST

दिल्ली के ख्याला इलाके में मुस्लिम धर्म की लड़की से प्रेम के कारण सम्मान के नाम पर अंकित सक्सेना का कत्ल कर दिया गया. अंकित घर के इकलौते चिराग थे और मां-बाप के लिए बुढ़ापे का सहारा थे. वह काफी मेहनती थे और फोटोग्राफी के अलावा यू-ट्यूब चैनल भी चलाते थे. जहां एक तरफ उनकी हत्या के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति है वहीं अंकित की हत्या के बाद राजनीति भी तेज हो गई है.

अंकित की हत्या को सांप्रदायिक रंग देने के इरादे से जहां कई नेता उसके घर पहुंच रहे हैं वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अभी तक अंकित की मौत की सुध नहीं ली है. जिसकी वजह से वह भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर आ गए हैं. भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अंकित की मौत मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.

मनोज तिवारी ने आरोप लगाया, "राष्ट्रीय राजधानी में ऐसी घटनाएं देखना दुखद है. इस मामले में मुख्यमंत्री और कई एनजीओ की चुप्पी संकेत देती है कि ये लोग किसी मुद्दे पर तभी बोलते हैं जब वह उनके राजनीतिक हित में होता है."

दिल्ली भाजपा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि परिवार ने एंबुलेंस सेवा टेलीफोन नंबर 1008 पर फोन कर मेडिकल मदद प्राप्त करने की कई कोशिशें की, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली. दिल्ली सरकार ने इलाज का कोई इंतजाम नहीं किया.

प्रदेश भाजपा ने मांग की है कि केजरीवाल सरकार ने अन्य मामलों में जिस तरह एक करोड़ रुपए की सहायता राशि घोषित की है, उसी तरह अंकित के परिजनों के लिए सहायता राशि घोषित करें.

गौरतलब है कि भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष तिवारी ने शनिवार को अंकित के परिजनों से मुलाकात की थी. मुलाकात के दौरान तिवारी ने उन्हें बताया कि अंकित की मां के इलाज के लिए पार्टी की ओर से क्या इंतजाम किए जा रहे हैं. अंकित पर हुए हमले में उसकी मां जख्मी हो गई थीं.

वहीं इस पूरी घटना को मजहब से जोड़ कर दिखाने पर अंकित के पिता यशपाल ने कहा कि उन्हें इन सब चीजों से और भी दुख हो रहा है. वह सभी धर्मों का आदर करते हैं तथा किसी भी धर्म या मजहब से उन्हें नफरत नहीं है. उनके इस दुख की घड़ी में कोई भी आगे आए तो उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए आगे आए.

उन्होंने किसी समुदाय को चिह्नित करके आरोप नहीं लगाए हैं. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनका बेटा किसी भी धर्म या जाति की लड़की से शादी करने की इच्छा जाहिर करता तो वह उसके लिए हमेशा तैयार थे.

First published: 4 February 2018, 10:47 IST
 
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