Home » इंडिया » Why CBI wants top cop Rajeev Kumar: ‘Missing evidence’ in chit fund scam cases
 

वो क्या सबूत थे जिन्हें नष्ट करने के CBI लगा रही है कोलकाता पुलिस कमिश्नर पर आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2019, 13:14 IST

केंद्र सरकार और ममता बनर्जी के बीच सीबीआई को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार पर सवाल उठाने का उद्देश्य चिटफंड घोटाले के पीछे बड़ी साजिश से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य है, रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता में सीबीआई के संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव ने कहा “गंभीर सबूत नहीं सौंपे गए थे, हो सकता है उन्हें नष्ट किया गया हो.

अधिकारी ने कहा कि सीबीआई इस जांच को और आगे ले जाना चाहती है. हम चिट फंड घोटालों से जुड़े बड़े षड्यंत्र को देख रहे हैं.” सीबीआई सूत्रों ने दावा किया कि यह सबूत पश्चिम बंगाल और उसके बाहर घोटाले से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों की कुंजी है.” सीबीआई के अनुसार, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अप्रैल 2013 में कुमार के नेतृत्व में सारदा चिट फंड घोटाले की जांच के लिए साक्ष्य जुटाए थे. इन साक्ष्यों में डायरी सहित एक लैपटॉप, पांच सेलफोन और दस्तावेज शामिल हैं. 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2014 में सीबीआई द्वारा जांच शुरू की गई थी. शारदा घोटाले और अन्य चिट फंड घोटालों में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान एसआईटी द्वारा जब्त किए गए महत्वपूर्ण सबूत नहीं सौंपे गए थे. इसमें एक डायरी, पेन ड्राइव और दस्तावेज शामिल थे जो शारदा के कार्यालयों से जब्त किए गए थे. सीबीआई का कहना है कि इनमे प्रभावशाली लोगों के नाम और भुगतान के रिकॉर्ड हैं.

1989 बैच के IPS अधिकारी राजीव कुमार (53) तत्कालीन रुड़की विश्वविद्यालय (अब IIT रुड़की) से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल और कोलकाता पुलिस में एसपी बीरभूम, विशेष एसपी (प्रवर्तन शाखा), उपायुक्त, संयुक्त आयुक्त (स्पेशल टास्क फोर्स) और डीआईजी (सीआईडी) सहित कई पदों पर कार्य किया है. सीबीआई सूत्रों ने दावा किया कि वे पिछले कुछ वर्षों से कुमार से पूछताछ करने की कोशिश कर रहे हैं. सीबीआई का दवा है कि “हम उनके कार्यालय को बुला रहे हैं, और यहां तक कि उन्हें सहयोग करने के लिए लिखा था.

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First published: 4 February 2019, 13:08 IST
 
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