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सीबीआई ने नोटबंदी की सालगिरह पर क्यों किया प्रद्दुम्न हत्याकांड का खुलासा?

हेमराज सिंह चौहान | Updated on: 8 November 2017, 14:53 IST

आज से ठीक एक साल पहले 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते पूरे देश में नोटबंदी की घोषणा की. पीएम मोदी ने नोटबंदी का एलान करते हुए कहा था कि देश भर में होने वाली नोटबंदी से कालेधन पर लगाम लगेगी. आतंकवाद और नकली नोटों के भारतीय बाज़ार में आने पर रोक लगेगी. उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वो इस काम में सराकर का सहयोग करें.

इसके बाद जब पूरे देश में मोदी सरकार इसका जश्म मना रही है, उनके मंत्री और पूरी भाजपा इस दिन को ‘काला धन विरोधी दिवस’ के रूप में मना रही है. जबकि विपक्ष इस दिन को ‘काला दिवस’ के तौर पर मना रही है. बुधवार को पूरे देश की निगाहें इस बात पर थी कि नोटबंदी को लेकर जो घमासान चल रहा है उससे क्या निकलेगा?

नोटबंदी की सफलता को लेकर सबके अपने-अपने दावे और तर्क हैं. सोशल मीडिया में नोटबंदी के एक साथ पूरे होने पर प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. लोग इसके समर्थन और विरोध में लगातार पोस्ट कर रहे हैं. लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर आई कि जिसने नोटबंदी पर चल रहे महाभारत को थाम लिया. ये खबर थी सीबीआई के एक बहुचर्चित केस को सुलझाने की.

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और कई संस्थाओं के आंकड़े ये बताते हैं कि नोटबंदी से देश में व्यापक असर पड़ा है. नोटबंदी ने देश में बेरोजगारी और उद्योगों को प्रभावित किया है. अर्थव्यवस्था (जीडीपी) के आकंड़े भी इसे साबित करते हैं. लेकिन मोदी सरकार लगातार कह रही है कि ये सही नहीं है. इसके फायदे बाद में देखे जाएंगे.

वहीं, पिछले 8 सितंबर को गुरुग्राम के रॉयन इंटरनेशनल स्कूल में ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश को झकझोर दिया. इस स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 2 के मासूम प्रद्दुम्न की लाश टॉयलेट में मिली थी. किसी ने प्रद्दुम्न का बेरहमी से गला काट दिया था. उसके बाद इस केस को लेकर काफी हंगामा हुआ. गुरुग्राम पुलिस ने स्कूल की बस चलाने वाले कंडक्टर को आरोपी बनाते हुए कहा कि यौन शोषण में सफल नही होने पर उसने ये कत्ल किया.

लेकिन इस घटना के दो महीने बाद और नोटबंदी की सालगिरह वाले दिन सीबीआई ने खुलासा किया कि इस केस मे मुजरिम कौन है. सीबीआई ने बताया कि प्रद्दुम्न की हत्या स्कूल के 11वीं में पढ़ने वाले छात्र ने की है. सीबीआई  ने देर रात उसे हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की. सीबीआई का कहना है कि उसके बर्ताव के कारण उन्हें उस पर शक हुआ. सीबीआई का दावा है कि आरोपी छात्र रायन इंटरनेशन स्कूल में ही 11वीं क्लास में पढ़ता है. सीबीआई उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश करेगी.

गौरतलब है कि प्रद्दुम्न के माता-पिता लगातार दावा करते रहे कि उनके बेटे की हत्या किसी और ने की है. उन्होंने इस मामले की जांच को लेकर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया. इस केस में सीबीआई जांच का दवाब बढ़ने के बाद हरियाणा की खट्टर सरकार ने ये मामला सीबीआई को सौंप दिया. इसके बाद सीबीआई ने इस केस को संभालने के बाद इसकी अपने स्तर से जांच की.

सीबीआई के खुलासे के बाद ये कहा जा सकता है कि मां-बाप का शक सही था कि कंडक्टर अशोक कुमार कातिल नहीं है. अशोक कुमार खुद मान चुका है कि उसने दवाब में कत्ल की बात कबूली. फिलहाल सीबीआई ने उसे क्लीन चिट नहीं दी है.

सीबीआई के इस बड़े खुलासे के बाद आज मीडिया में  प्रद्दुम्न हत्याकांड छाया हुआ है और नोटबंदी पर उस तरह से कवरेज नहीं हो रही है जिसकी अपेक्षा थी. सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन काम करती है और इस समय देश में मोदी सरकार है.

मोदी सरकार नोटबंदी को लेकर बैकफुट में है और इसी वजह से वो लगातार इस मुद्दे पर बोल रही है. हिमाचल और गुजरात चुनाव में भी नोटबंदी को लेकर लगातार राहुल गांधी पीएम मोदी को घेर रहे हैं. ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि कहीं ‘तोता’ कही जाने वाली जांच एजेंसी से जान बूझकर ये खुलासा बुधवार को तो नहीं कराया गया ताकि नोटंबदी पर चल रही बहस और उठ रहे सवालों से ध्यान हटाया जा सके.

First published: 8 November 2017, 14:53 IST
 
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