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क्यों मोदी के चुनावी बजट ने संघ परिवार के कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है ?

सुनील रावत | Updated on: 1 February 2019, 17:51 IST

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अपने अंतरिम बजट 2019 में मध्यम आय वर्ग के मतदाताओं को लुभाने का बड़ा दांव खेला है. टैक्स छूट का दायरा बढ़ाने की घोषणा से लेकर किसानों के खातों में 6000 रूपये डालने का वादा है. सरकार ने ग्रामीण भारत के लिए 1,35,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा की, जहां पीएम किसान सम्मान निधि के लिए 75,000 करोड़ रुपये का पैकेज आवंटित किया गया है. योजना के तहत, 120 मिलियन किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये मिलेंगे. इसके अलावा, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये का कोष अलग रखा गया है.

70 दिनों के बाद मोदी सरकार को लोकसभा चुनावों में जाना है. आगामी चुनावों में जाना मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती थी. विपक्ष लगातार सूट बूट की सरकार' कहकर निशाना साध रही थी. सरकार कृषि संकट को रोकने में विफल रही और किसान लगातार दिल्ली आकर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इसके अलावा विमुद्रीकरण और जीएसटी के जल्दबाज़ी में कार्यान्वयन का भी बड़ा नुकसान हुआ.

विशेषज्ञ और विपक्षी दल अब बजट दस्तावेजों का विश्लेषण करने के लिए बैठेंगे, विशेष रूप से मध्यम वर्ग के लिए टैक्स छूट के वादों को लेकर. वित्त मंत्री पीयूष गोयल के अंतरिम बजट भाषण ने कमरे में हाथी को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया. जो रोजगार सृजन में सरकार का खराब रिकॉर्ड था. गोयल ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा बेहतर विकास और बुनियादी ढांचे में निवेश ने स्पष्ट रूप से रोजगार उत्पन्न किया लेकिन नौकरियों का जिक्र नहीं किया. हालांकि, इस बजट ने चुनाव प्रचार के लिए एक उत्साह पैदा करने और संघ परिवार के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए पर्याप्त भूमिका निभाई है.

आयकर दरों में छूट का वादा, होम लोन के लिए टैक्स में छूट संभावित रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को शहरी मध्यम वर्गों के एक वर्ग के बीच अपना समर्थन आधार बनाए रखने में मदद कर सकता है.छोटे और सीमांत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की अनुमानित आय सहायता की घोषणा पिछले साल तीन राज्यों में भाजपा की चुनावी हार से उबरने का एक प्रयास है.

गौरतलब है कि सरकार ने इस साल अपने पीएम किसान, या पीएम किसान सम्मान निधि, योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसका मतलब यह हो सकता है कि अनुमानित 12 करोड़ लाभार्थियों को कतार में आने तक 2,000 रुपये की दो किस्तें मिल सकती हैं. गोयल ने गायों के संरक्षण के लिए बढ़े हुए आवंटन की भी घोषणा की है, लेकिन उत्तर भारतीय राज्यों में आवारा गाय और सांडों का सामना करने वाले किसानों को आत्मसात करने में शायद बहुत देर हो चुकी है.

गोयल ने घोषणा की कि सरकार ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म ने लेनदेन के 17,500 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है और सभी सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संगठनों को अब GeM से खरीदारी करने की आवश्यकता होगी. इस तरह सरकार सामानों की खरीद पर 25 से 38 प्रतिशत की बचत करती है.

Budget 2019 Live: पेंशन योजना से लेकर किसानों के खातों में 6 हजार रुपये तक, ये हैं बड़ी घोषणाएं

First published: 1 February 2019, 17:32 IST
 
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