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क्या कभी सोचा है पाकिस्तान को भारत से पहले आजादी क्यों मिली?

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 August 2019, 9:12 IST

हम सभी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं. इसी दिन हमें अंग्रेजों की हुकूमत से आजादी मिली थी, लेकिन क्या कभी आपके मन में ये सवाल उठा है कि आखिर पाकिस्तान को भारत से पहले आजादी क्यों दी गई? आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिससे पाकिस्तान 14 अगस्त और भारत 15 अगस्त को आजादी के रूप में मनाता है. चलिए इतिहासकारों के तथ्यों और लेखों से इस बारे में समझने की कोशिश करते हैं.

मशहूर पाकिस्तानी इतिहासकार केके अजीज की किताब के मुताबिक, इंडियन इंडिपेंडेंस बिल ब्रिटिश संसद में 4 जुलाई को पेश हुआ था. इसके बाद 15 जुलाई को इसे कानून की शक्ल ली थी. इस बिल के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान का बंटवारा 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को होना था. इस बिल के अनुसार बंटवारे के बाद भारत और पाकिस्तान नाम के दो नए देश सामने आए.

आजादी के दौरान लॉर्ड माउंटबेटन ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतिनिधि थे. वे एक ही दिन यानि 15 अगस्त को दिल्ली और कराची नहीं जा सकते थए. सत्ता हंस्तारित करते ही कानूनन वो भारत के गवर्नर जनरल हो जाते. इसलिए माउंटबेटन के लिए यही रास्ता सही था कि वे वायसराय रहते हुए 14 अगस्त को पाकिस्तान के हाथ में सत्ता हस्तांतरित कर दें. इसी वजह से पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को मनाता है. लेकिन, इतिहासकार बताते हैं इंडियन इंडिपिंडेंस एक्ट के तहत दोनों देशों की आजादी की तारीख 15 अगस्त ही थी, इसलिए कहते हैं कि दोनों देशों को आजादी 15 अगस्त को ही मिली थी.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी मुहम्मद अली ने भी अपनी किताब 'द इमरजेंस ऑफ पाकिस्तान' में भी इस बारे में लिखा है. उनकी किताब के अनुसार, 15 अगस्त 1947 को रमजान का आखिरी जुमा था. ये जुमा का दिन इस्लामी मान्यताओं के हिसाब से सबसे मुबारक दिनों में से एक है.

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First published: 14 August 2019, 9:12 IST
 
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