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LAC की स्थिति पर पीएम मोदी का बयान रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख से अलग क्यों- चिदंबरम

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2020, 17:13 IST

चीनी सीमा विवाद पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी इस बयान को विपक्ष ने निशाने पर लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीमा पर कोई भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा है. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा ''कल भाजपा नेताओं ने टीवी चैनलों पर बयान दिया कि हमारी एक इंच ज़मीन पर चीन ने कब्ज़ा नहीं किया. अगर चीन ने हमारी ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं किया है तो पिछले 2 महीने से बातचीत किस लिए चल रही है. जो भाषा चीन बोल रहा है वही भाषा भाजपा बोल रही है, इनकी क्या मिलीभगत है?''

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आज कहा कि चीन के साथ गलवान घाटी में संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी किसी को भी हैरान और परेशान कर सकती है. पीएम मोदी ने एलएसी के मामले पर सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न तो किसी ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है और न ही किसी मिलिट्री पोस्ट पर कब्जा किया है.


पी. चिदंबरम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ''बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने अपनी निष्कर्षपूर्ण टिप्पणी की. इन टिप्पणियों ने व्यावहारिक रूप से सभी को हैरान और परेशान कर दिया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम ने कहा कोई भी बाहरी व्यक्ति लद्दाख में भारतीय क्षेत्र के अंदर नहीं आया है. पीएम मोदी का बयान पूर्व में दिए गए सेनाध्यक्ष, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री के बयानों का खंडन करता है.

चिदंबरम ने कहा अगर प्रधानमंत्री का बयान सीमा की सही स्थिति को दर्शाता है, तो हम सरकार से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं. यदि किसी चीनी सैनिक ने एलएसी पार नहीं की और भारतीय क्षेत्र नहीं आया, तो 5 से 6 मई को दोनों सेनाएं आमने-सामने क्यों थी. बातचीत क्यों चल रही थी. उन्होंने कहा कि हम यह भी पूछना चाहेंगे कि यदि कोई चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र के अंदर नहीं था, तो 15 से 16 जून को झड़पें कहां हुई ? 20 भारतीय सैनिक कहां शहीद हुए.

चिदंबरम ने कहा कि एक बार जब भारतीय प्रधानमंत्री यह बयान देते हैं कि भारतीय क्षेत्र में कोई चीनी नहीं हैं, तो उन्हें यह परिभाषित करना होगा कि भारतीय क्षेत्र क्या है. उन्होंने कहा "चीनी दावा अभी भी वही है जो वो पिछले कुछ हफ्तों से लगातार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर भारत सरकार आज चीन के दावे को खारिज नहीं करती है, तो इसके भयानक परिणाम हो सकते हैं. चीनी उत्पादों के बहिष्कार के बारे में बोलते हुए चिदंबरम ने कहा कि बस उनके उत्पादों का बहिष्कार करने से पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं होगा क्योंकि भारत के साथ चीनी व्यापार उसके विश्व व्यापार का केवल एक अंश है.

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First published: 20 June 2020, 17:04 IST
 
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