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सर्वोच्च न्यायालय का तेज प्रताप को नोटिस देना भी भाजपा को भारी पड़ेगा

चारू कार्तिकेय | Updated on: 7 February 2017, 8:25 IST
QUICK PILL
  • एक पत्रकार की हत्या के मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और आरएजडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के सबसे बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को सर्वोच्च न्यायालय ने नोटिस दिया है. यह नोटिस राज्य की महागठबंधन सरकार को उल्टा पड़ सकता है.
  • कैबिनेट मंत्री को कोर्ट का नोटिस  वह भी हत्या के लिए ऐसी घटना है  जिसका विपक्ष जरूर फायदा उठाएगा. हालांकि यादव ने पहले ही बता दिया है कि वे अपने बचाव में क्या युक्ति अपनाएंगे. इससे वरिष्ठ भाजपा नेताओं की भी हालत खराब हो जाएगी.

एक पत्रकार की हत्या के मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और आरएजडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के सबसे बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को सर्वोच्च न्यायालय ने नोटिस दिया है. यह नोटिस राज्य की महागठबंधन सरकार के लिए उल्टा पडऩे वाला है. 

कैबिनेट मंत्री को कोर्ट का नोटिस  वह भी हत्या के लिए ऐसी घटना है  जिसका विपक्ष जरूर फायदा उठाएगा. हालांकि यादव ने पहले ही बता दिया है कि वे अपने बचाव में क्या युक्ति अपनाएंगे. इससे वरिष्ठ भाजपा नेताओं की भी हालत खराब हो जाएगी. 

हत्या का संवेदनशील मामला चार महीनों तक सुर्खियों में रहा था. पीडि़त राजदेव रंजन एक प्रमुख हिंदी दैनिक हिंदुस्तान के सिवान में ब्यूरो चीफ थे. इस हत्या के पीछे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले राजनेता शहाबुद्दीन का हाथ बताया जाता है. 

कथित निशानेबाज मोहम्मद कैफ पर भी हत्या में शामिल होने का संदेह किया जा रहा है. हाल में उनकी यादव और शहाबुद्दीन के साथ अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं. इन्हीं तस्वीरों के आधार पर फरियादी-रंजन की पत्नी आशा ने यादव पर आरोप लगाया कि वे कैफ को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. 

यादव को कोर्ट में सफाई देनी होगी कि वे कैफ को कैसे जानते हैं और क्या वे जानते हैं कि कैफ एक केस में अभियुक्त हैं.

कैबिनेट मंत्री को कोर्ट का नोटिस वह भी हत्या के लिए ऐसी घटना है जिसका विपक्ष जरूर फायदा उठाएगा.

सर्वोच्च न्यायालय से नोटिस मिलने के बाद यादव ने मीडिया से मासूमियत से कहा कि राजनेता और मंत्री होने के कारण कई लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं और वे सभी को नहीं जानते. हालांकि उनका कटाक्ष अगले कथन में था- ‘जिन भाजपा नेताओं की तस्वीरें उनके (कैफ) साथ हैं, उन्हें भी नोटिस भेजा जाना चाहिए.’ 

जैसे ही यादव की कैफ के साथ वाली वह तस्वीर सबके सामने आई,  उनके भाई और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक अन्य तस्वीर निकाली जिसमें उस शख्स को भाजपा उपाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ देखा जा सकता है. 

तीन और तस्वीरें यादव ने साथ ही रिलीज की हैं. इनमें हत्या के एक अन्य अभियुक्त को कंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता नंद किशोर यादव के साथ देखा जा सकता है.

इन कथित अपराधियों को भाजपा कैसे जानती है, इस सिलसिले में भाजपा नेताओं का जवाब आना बाकी है. यदि आरजेडी का उन पर दबाव हुआ, तो उन्हें जवाब देना होगा.

First published: 25 September 2016, 7:24 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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