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Rafale in India : क्यों चीनी फाइटर जेट J20 भारत के Rafale के सामने अनुभव में अभी बच्चा है

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 July 2020, 14:20 IST

Rafale Fighter Jet : भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए राफेल फाइटर जेट जल्द इसमें शामिल होने जा रहा है. आज अंबाला में फ्रांस से 5 राफेल की विमानों का पहला जत्था पहुंचने जा रहा है. साल 2022 तक सभी 36 राफेल जेट फ्रांस भारत को वितरित कर देगा. दुंनिया के सबसे ताकतवर फाइटर जेट्स में शामिल राफेल को फ्रांस की डिसॉल्ट एविएशन बनाती है. बीते दिनों चीन के साथ सीमा विवाद के चलते राफेल की जरूरत और भी महसूस की गई थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत ने फ्रांस से इसकी सप्लाई में तेजी लाने को कहा था.

राफेल को अत्याधुनिक 4.5 जेनरेशन का माना जाता है. राफेल जेट की टॉप स्पीड 1389 किलोमीटर प्रति घंटा तक है. यह फाइटर जेट 9500 किलोग्राम तक वजन उठा सकता है, जबकि राफेल का भार 24500 किलोग्राम है. राफेल सिंगल सीटर और ट्विन सीटर दोनों में मौजूद है. एक बार ऑपरेशन पर उड़ने के बाद यह जेट 3700 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकता है.


इसके विपरीत पाकिस्तानी वायुसेना के पास अमेरिकी निर्मित जेट F-16 है, यह भी काफी ताकतवर माना जाता है. जबकि चीन के पास J20 पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू जेट है. हालांकि 4.5 पीढ़ी के राफेल की तुलना में, J20 को ज्यादा अनुभव नहीं है. फ्रांसीसी वायु सेना द्वारा अफगानिस्तान, लीबिया और माली में अपने मिशन के लिए राफेल का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका उपयोग मध्य अफ्रीकी गणराज्य, इराक और सीरिया में मिशनों के लिए भी किया गया है.

क्या है J- 20 में खास 

इस फाइटर जेट का इस्तेमाल चीनी आर्मी करती है. यह जेट चेंगदू -J 20 के नाम से जाना जाता है. इस जेट को चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा बनाया गया है. इस जेट की टॉप स्पीट की बात करें तो वह 2100 किमी प्रति घंटा है. इसकी कीमत 4.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर है. इस विमान का वजन 19390 किलो है.   

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राफेल J20 की तुलना में अधिक ईंधन और हथियार भी ले जा सकता है. राफेल की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें M 88 इंजन का इस्तेमाल किया गया है. पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एफ 16 जेट AMRAAM मिसाइल को ले जा सकते हैं, जिसमें 75 किमी की BVR है.

Rafale डॉग फाइट में F16 को भी पीछे छोड़ सकता है. प्रत्येक विमान में हथियारों के लिए 14 स्टोरेज स्टेशन हैं. यह अत्याधुनिक मेटियर एयर-टू एयर मिसाइल के साथ आता है. राफेल जेट भी 300 किमी से अधिक की रेंज के साथ हवा से जमीन पर मार करने वाली क्रूज मिसाइल SCALP के साथ आते हैं. यह लंबी दूरी की गहरी मार करने वाली मिसाइल है. राफेल पर MICA हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, क्लोज-क्वार्टर डॉगफ़ाइट और बीवीआर दोनों हैं.

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भारत ने F-16 क्यों नहीं खरीदा 

जब अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन (LM) ने F-16 को अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले और सबसे ज्यादा युद्ध में परीक्षण करने वाले फाइटर के रूप में बाजार में उतारा था, जिसमें अपडेटेड एवियोनिक्स और भारतीय आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमताएँ थीं. इसे एफ -16 ब्लॉक 70 कहा जाता था लेकिन इसमें भारतीय दृष्टिकोण से दो मुख्य बाधाएं थीं: पहली, यह 1970 के दशक में विकसित एयरफ्रेम था और दूसरा पाकिस्तान के पास एफ -16 पहले से मौजूद है. अमेरिका भारत को पांचवें-फाइटर-फाइटर-एफ -35 की पेशकश नहीं करेगा, एफ -21 एक उन्नत, स्केलेबल फाइटर है जो एफ -16 की ही विरासत है.

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First published: 29 July 2020, 13:30 IST
 
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