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BJP प्रवक्ता पर जूता फेंकने वाला शख्स पीएम मोदी से क्यों था नाराज ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2019, 15:50 IST

भारतीय जनता पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक शख्स ने बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव पर जूता फेंक दिया. इस व्यक्ति की पहचान कानपुर के रहने वाले शक्ति भार्गव के रूप में हुई है. कानपुर के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की माने व्यक्ति लम्बे समय से कानपुर में बंद हुई हुई टेक्सटाइल मिलों का मुद्दा उठा रहा था. वह नियमित रूप से बीजेपी दफ्तर भी आता था.

शक्ति भार्गव के फेसबुक पेज पर इस मुद्दे पर लिखी कई जानकारी मिलती है. भार्गव ने अपने फेसबुक पर पर चार भागों में खुद को व्हिसिलब्लोअर बताकर इस मुद्दे का उल्लेख किया है. फेसबुक पेज पर शक्ति भार्गव ने लिखा है कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने 'ना खाऊंगा ना खाने दूंगा' का नारा दिया था लेकिन 2019 में वह इस पर कोई बात नहीं कर रहे हैं.

अपने फेसबुक पोस्ट में शक्ति भार्गव नामक शख्स ने लिखा है कि ''मैं भारत सरकार द्वारा बेचीं गई कंपनी द ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जिसे 'लाल इमली मिल्स' के नाम से भी जाना जाता है, की बिक्री में हुई अनियमितताओं का अनुसरण कर रहा हूं. यह मामला भारत सरकार के अधिकारियों के बहुत ही घृणित रवैये का उदाहरण है, जिसमें पीएमओ, सीवीसी, सीबीआई और कपड़ा मंत्रालय शामिल हैं, जिन्होंने गलत तरीके से अधिशेष संपत्तियों की बिक्री में किए गए सामूहिक भ्रष्टाचार की अनुमति दी''.

भार्गव ने लिखा है '' इन संपत्तियों की पहचान सरप्लस के रूप में की गई थी और इन्हें पारदर्शी तरीके से बेचा जाता तो पुनरुद्धार के लिए फंड तैयार किया जा सकता था. स्थिति इतनी दयनीय है कि कर्मचारियों को साल में एक या दो बार वेतन दिया जा रहा है. 19 महीने का वेतन लंबित है. पिछले 3 वर्षों में 14 कर्मचारियों ने आत्महत्याएं की हैं''.

भार्गव ने लिखा है कि ''मैं इस घोटाले, साक्ष्य और 14 आत्महत्याओं के के बारे में अध्याय वार के विवरण पोस्ट करूंगा''. भार्गव ने यह खुलासा किया है कि ''इन 23 बंगलों के वर्तमान मूल्य 1200 करोड़ है, जबकि सरकार को समझौतों के अनुसार 70 करोड़ मिलने है''.

दरअसल कानपुर को उत्तरभारत का मेनचेस्टर भी कहा जाता है. ब्रिटश काल में यहाँ कई मिलें थी लेकिन अब वबन्द पड़ी हैं. कई मजदूरों के पास अब रोजगार नहीं है, जो यहां काम करते थे. अब टैक्सटाइल मिलों के आवासीय परिसरों पर 600 से ज्यादा लोगों ने कब्ज़ा किया था. इससे पहले केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने पांच बार मुलाकात की थी.

साथ ही एल्गिन, लाल इमली और अन्य मिलों को शुरू करने की बात की थी. सतीश महाना ने वादा किया था कि भाजपा सरकार ने जो वादे जनता से किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए काम युद्ध स्तर पर किया जायेगा. चार दशक पहले कानपुर लाल इमली, एल्गिन मिल जैसी मिलें थीं. इनमे हजारों की संख्या में लोग काम करते थे.

First published: 18 April 2019, 15:12 IST
 
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