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यहां महिलाएं चंद पैसों के लिए दे देती हैं कोख की कुर्बानी, पीरियड्स पर लगता है 500 प्रतिदिन का जुर्माना

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 April 2019, 18:12 IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

एक ओर तो सरकारें विकास के बड़े-बड़े वादे करती है तो दूसरी तरफ गरीबी के थपेड़े झेलते आम लोगों को दो शाम की रोटी भी मुश्किल से मिल पाती है. हमारे देश में ऐसा भी जगह भी है जहां मेहनत-मजदूरी करने वाली महिलाओं को थोड़े से पैसे के लिए अपनी कोख की कुर्बानी देनी पड़ती है. इसके अलावा पीरियड्स के दौरान अगर महिलाएं काम नहीं कर पातीं तो उनसे 500 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाता है.

वैसे तो पूरे देश में किसान-मजदूरों के आर्थिक हालात अच्छे नहीं हैं लेकिन महाराष्ट्र में सूखे के मार और कर्ज से दबे किसान आत्महत्या तक करने को मजबूर हैं. जबकि इस वर्ग की महिलाओं के हालात और अधिक खराब हैं. महाराष्ट्र के मराठवाडा क्षेत्र के बीड जिले का कई गांव ऐसा है जहां की अधिकांश महिलाएं बिना कोख के हैं.


प्रतीकात्मक तस्वीर

देनी पड़ती है कोख की कुर्बानी

पीरियड्स की वजह से महिलाओं को 2-3 दिन की छुट्टी लेनी पड़ती है जिससे काम प्रभावित होता है. इन मजदूरों को ठेकेदार के अंदर काम करना होता है एक तय समय में निर्धारित काम खत्म करना होता है. ऐसे में ठेकेदार नहीं चाहते हैं कि गन्ना काटने के दौरान किसी महिला को पीरियड हो. कई ठेकेदार महिलाओं को गर्भाशय हटाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और उसकी सर्जरी का पैसे उनके मजदूरी से काट लेते हैं.

माहवारी पर 500 प्रतिदिन जुर्माना

ठेकेदार महिला और पुरुष को एक यूनिट मानकर एक निश्चित मात्रा में गन्ना काटने का काम देते हैं और अगर महिला और पुरुष में से किसी ने भी एक दिन की छुट्टी ली, तो उनसे 500 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लिया जाता है. माहवारी से बचने के लिए महिलाओं के सर्जरी कराने की वजह से उन्हें कई सारी बीमारियों और समस्याओं से जूझना पड़ता है लेकिन रोटी के लिए ये सब करना पड़ता है.

देनी पड़ती है कोख की कुर्बानी

पीरियड्स की वजह से महिलाओं को 2-3 दिन की छुट्टी लेनी पड़ती है जिससे काम प्रभावित होता है. इन मजदूरों को ठेकेदार के अंदर काम करना होता है एक तय समय में निर्धारित काम खत्म करना होता है. ऐसे में ठेकेदार नहीं चाहते हैं कि गन्ना काटने के दौरान किसी महिला को पीरियड हो. कई ठेकेदार महिलाओं को गर्भाशय हटाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और उसकी सर्जरी का पैसे उनके मजदूरी से काट लेते हैं.

माहवारी पर 500 प्रतिदिन जुर्माना

ठेकेदार महिला और पुरुष को एक यूनिट मानकर एक निश्चित मात्रा में गन्ना काटने का काम देते हैं और अगर महिला और पुरुष में से किसी ने भी एक दिन की छुट्टी ली, तो उनसे 500 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लिया जाता है. माहवारी से बचने के लिए महिलाओं के सर्जरी कराने की वजह से उन्हें कई सारी बीमारियों और समस्याओं से जूझना पड़ता है लेकिन रोटी के लिए ये सब करना पड़ता है.

First published: 13 April 2019, 18:10 IST
 
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