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निलंबित पहलवानों को मिली कुश्ती महासंघ से माफी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की अनुशासन समिति ने हाल ही में ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के दौरान अपने-अपने मुकाबले खेलने से इनकार करने वाले पहलवानों को माफी देने सिफारिश की है. अनुशासन समिति ने कहा कि सभी पहलवानों की ये पहली गलती है, इसलिए इन्हें माफ करना देना चाहिए.

अनुशासनात्मक समिति के फोगाट बहनों बबीता कुमारी और गीता पर लगा अस्थाई प्रतिबंध हटाने की उम्मीद है. क्योंकि दोनों ने पिछले महीने ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के दौरान अपने वजन वर्गों का मुकाबला छोड़ने के बाद माफी मांग ली थी.

मैदान छोड़ने पर निलंबन

हाल ही में कुछ पहलवानों ने ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के दौरान अपने-अपने मुकाबले खेलने से मना कर दिया था. मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में दूसरे ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में गीता और बबीता दोनों बहनों ने अपने कांस्य पदक मुकाबलों में हिस्सा नहीं लिया था.

सुमित (पुरुष 125 किग्रा फ्रीस्टाइल) और राहुल अवारे (पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल) को भी अनुशासनहीनता के लिए अस्थायी तौर पर निलंबित किया था. वहीं विनेश को उनका 400 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य करार दे दिया था.

बबीता को मिला है ओलंपिक टिकट


बबीता ने एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में महिलाओं की 53 किग्रा स्पर्धा में मंगोलिया की सुमिया अर्डेनचिमेग के डोप परीक्षण में असफल होने पर रियो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया है.

डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने खुद अनुशासनात्मक समिति को बबीता को माफी देने की गुजारिश की थी. बबीता ने ओलंपिक का टिकट हासिल कर लिया है और उसे रियो खेलों में भाग लेने की इजाजत मिलेगी.

डब्ल्यूएफआई के अधिकारी ने कहा, "क्योंकि इन सभी ने पहली बार ऐसा किया था और इन्होंने माफी भी मांग ली थी तो अनुशासनात्मक समिति ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ने का फैसला किया है."

First published: 20 May 2016, 5:31 IST
 
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